धमकियों से नहीं डरा सकते हैं ,कानून को कोई कैसे अस्वीकार कर सकता है ?-अमित शाह

Waqf Bill Amit Shah : वक्फ बिल को लेकर लोकसभा में चल रही बहस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं दोपहर 12 बजे से बिल पर चर्चा सुन रहा हूं.मुझे लगता है कि कुछ सदस्य ने या तो निर्दोष भाव से या किसी राजनीतिक कारण से इस बिल को लेकर भ्रांतियां पाल रखी हैं और इस सदन के जरिये विधेयक से जुड़ी कई बातों को लेकर पूरे देश में भ्रांतियां फैला रहे हैं. अमित शाह ने कहा कि मैं ये सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि आपके वक्फ़ में एक भी गैर मुस्लिम नहीं आयेगा. गृहमंत्री शाह ने कहा कि “मैं सदन के माध्यम से देश भर के मुसलमान भाइयों-बहनों को कहना चाहता हूं, कि आपके वक्फ में एक भी नॉन-मुस्लिम नहीं आएगा. वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद का काम क्या है?… वक्फ की संपत्तियां बेच खाने वालों को पकड़ कर इसके बाहर निकालना.”

 केंद्रिय गृह मंत्री ने एक एक करके सभी सवालो के जवाब दिया. सबसे पहले तो ये बताया कि इस बिल से किसी को डरने की जरुरत नहीं है. जिस तरह से CAA , NRC को लेकर भ्रांतियां फैलाई गई इसी तरह से इस बिल को लेकर भी बाते की जा रही है. लेकिन ऐसा कुछ नहीं होने वाला है.वक्फ में न मुतल्लवी गैर-इस्लामिक होगा, न वाकिफ. कोई गैर-मुस्लिम सदस्य रखने का प्रावधान न किया है, न हम करना चाहते हैं…1995 तक तो न वक्फ काउंसिल था ना वक्फ बोर्ड. वक्फ धार्मिक कार्य नहीं करता. दान में मिली संपत्ति का प्रबंधन देखना वक्फ की जिम्मेदारी है.”

केंद्रीय गृहमंत्री की दी सख्त चेतावनी

अपने भाषण के दौरान गृहमंत्री शाह ने उन लोगों के सख्त चेतावनी के लहजे में कहा कि जो लोग ये कह रहे है कि कानून को नहीं मानेंगे, ये उन्हें मैं कहना चाहता हूं कि ये संसद का कानून है और सभी को इसे स्वीकार करना ही होगा.उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीन में गड़बड़ी हुई. आंकड़े बताते हैं कि 1913 से 2013 तक वक्फ बोर्ड के पास 18 लाख एकड़ जमीन थी, जो 2013 से 2025 तक बढ़कर 39 लाख एकड़ हो गई है. यह बढ़ोतरी 2013 के बाद हुई है, लेकिन सवाल यह है कि किसकी इजाजत से यह जमीन बेची गई. अमित शाह ने यह भी बताया कि केरल और देश के चर्चों ने इस बिल का समर्थन किया है.

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