“महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें”, परिसीमन को महिला आरक्षण से जोड़ने को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच पीएम मोदी की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक अपील पोस्ट की, जिसमें उन्होंने संशोधित महिला कोटा बिल के लिए सपोर्ट मांगा, जिस पर आज बाद में लोकसभा में वोटिंग होनी थी.
BJP की लीडरशिप वाली NDA सरकार — जिसने कोटे को लोकसभा सीटों को बढ़ाने और फिर से बनाने के लिए कथित तौर पर “जल्दबाजी में” की गई डीलिमिटेशन एक्सरसाइज से जोड़ा है — के पास अमेंडमेंट बिल को अपने दम पर पास कराने के लिए ज़रूरी दो-तिहाई मेजॉरिटी नहीं है.

हर डर का हल निकाला गया है- PM Modi

PM मोदी ने अपने X पोस्ट में दावा किया, “जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है. हर आशंका का समाधान किया गया है. जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं. किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है. महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है. अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें.”
आपको बता दें, कांग्रेस की नेतृत्व में विपक्ष, और खासकर दक्षिणी राज्यों की पार्टियों ने कहा है कि एक गलत और बायस्ड डीलिमिटेशन कानून को महिला आरक्षण का इस्तेमाल कर पास कराने की कोशिश की जा रही है

चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है, अब समय है-पीएम मोदी

हलांकि विपक्ष के आरोपों से अलग PM ने अपने X पोस्ट में तर्क दिया, “महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है. अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें.”

सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें-पीएम

PM ने अपनी बात बहस में महिला कोटे वाले हिस्से पर ही रखी: “आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं. अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है. मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं… कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें.”

उन्होंने कहा, “मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों. देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है. कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें..”

विपक्ष का क्या है विरोध

महिला आरक्षण का ओरिजिनल बिल 2023 में पार्लियामेंट में पहले ही पास हो चुका था, जिसे 16 अप्रैल यानी कल सरकार ने नोटिफाई भी कर दिया है. 2023 में ये बिल अपोज़िशन के पूरे समर्थन के साथ पास किया गया था. लेकिन सरकार ने उसे नोटिफाई नहीं किया. क्योंकि तब सरकार ने उसे अगली सेंसस और डिलिमिटेशन से जोड़ा था. सरकार अब उस शर्त को बदलना चाहती है, और साउथ को डर है कि सिर्फ़ पॉपुलेशन-बेस्ड डिलिमिटेशन से अगर तुरंत नहीं तो आखिरकार उसका हिस्सा कम हो जाएगा. सरकार ने शेयर में कोई बदलाव किए बिना 50% की सीधी बढ़ोतरी का वादा किया है. लेकिन अपोज़िशन का कहना है कि यह कानून में नहीं लिखा है इसलिए उसे सरकार के मौखिक वादे पर भरोसा नहीं है.

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