Wednesday, January 14, 2026

Uttarkashi Tunnel Rescue : 16वें दिन भी जारी बचाव अभियान, सेना भी मौके पर मौजूद, अब टनल के बाहर होगा हवन पूजन

उत्तराखंड और केंद्रीय एजेंसियां उत्तरकाशी सुरंग ढहने के बचाव अभियान में हर संभावित परिणाम की तलाश कर रही हैं, वर्तमान में वर्टिकल ड्रिलिंग चल रही है और सोमवार सुबह यानी आज कुछ देर में मैन्युअल ड्रिलिंग शुरू होने की भी संभावना है.

सेना ने संभाला मोर्चा

अमेरिकी ऑगर मशीन से सुरंग की हॉरिजोंटल ड्रिलिंग सफलतापूर्वक करने में विफल होने के बाद, एक वर्टिकल ड्रिलिंग मशीन को सिल्क्यारा में भेजा गया था. ड्रिलिंग ऑपरेशन फिलहाल पूरी गति से आगे बढ़ रहा है, रविवार रात तक 20 मीटर की ड्रिलिंग हो चुकी है. अब भारतीय सेना भी घटना स्थल पर पहुंच गई है. हलांकि अभी सिर्फ वो अभियान की देखरेख कर रही है.

ऑगर मशीन का सारा मलबा हटा दिया गया है- माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ

माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर ने कहा, “… ऑगर मशीन का सारा मलबा हटा दिया गया है… मैन्युअल ड्रिलिंग संभवत: 3 घंटे बाद शुरू होगी… हमें 9 मीटर हाथ से सुरंग बनाने का काम करना है। यह काम जमीन के व्यवहार पर निर्भर करता है. जल्दी भी हो सकता है और थोड़ा लंबा भी हो सकता है…हमें विश्वास है कि हम इससे पार पा सकते हैं…”


उम्मीद है कि जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा- सीमा सड़क संगठन

1-2 मीटर क्षतिग्रस्त पाइप को हटाने पर पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ और सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक हरपाल सिंह ने बताया, “मौजूदा स्थिति में जो ऑगर मशीन फंसी थी, उसे निकाल लिया गया है. 1.5 मीटर की क्षतिग्रस्त पाइप को निकालने का काम जारी है… उम्मीद है कि जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा…”

दोपहर 2.30 बजे सुरंग के बाहर होगा हवन

पुजारी दिनेश प्रसाद ने कहा, “प्रार्थना है कि वे(श्रमिक) जल्द बाहर आएं. फंसे हुए श्रमिकों के सुरक्षित बचाव के लिए प्रार्थना की जा रही है. आज दोपहर 2.30 बजे यहां हवन पूजा का आयोजन किया जाएगा. हवन में आज हम अपने ‘इष्ट देवता’ की पूजा करेंगे…”


अधिकारियों का पहुंचना जारी है

वहीं सुरंग धहने की साइट पर अधिकारियों का आना-जाना भी जारी है. सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के उप सचिव मंगेश घिल्डियाल सिल्कयारा टनल बचाव स्थल पर पहुंचे.
वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी सुरंग बचाव अभियान पर जानकारी देते हुए कहा, “इसमें(बचाव अभियान) सभी ने काफी प्रयास किया है. उन्होंने मशीन का आधा हिस्सा काट दिया है… पाइप के आगे का हिस्सा मुड़ गया है फिर ड्रिलिंग का काम शुरू होगा. टनकपुर से जो श्रमिक फंसे थे, मैं उनके परिवार से मिला… पीएम नरेंद्र मोदी भी इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं…”

41 बेंड वाला अस्पताल किया गया है तैयार

इस बीच किसी भी आपातकाल स्थिति से बचने के लिए सुरंग ढहने वाली जगह के पास डॉक्टरों की एक टीम और 41 बिस्तरों वाली एक अस्पताल सुविधा तैयार की गई है. यहां आपको उत्तरकाशी बचाव अभियान के हालिया घटनाक्रम के बारे में जानने की जरूरत है.

भारी बर्फबारी की है संभावना-मौसम विभाग

इस बीच उत्तरकाशी के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. सोमवार को यहां भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है. अगर बर्फबारी होती है तो बचाव कार्य मुश्किल हो जाएगा.

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