Uttarakhand Assembly Session : भराड़ीसैंण (गैरसैंण): उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र बुधवार, 28 अक्टूबर को विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच संपन्न हो गया. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी. सत्र के दौरान राज्य सरकार का 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक समेत कुल 10 विधेयक पारित किए गए.
चमोली जिले के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में 27 अक्टूबर से शुरू हुए इस सत्र में बजट के साथ विभिन्न विभागों से जुड़े विधायी कामकाज किए गए. हालांकि, भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई.
7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित
सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया था.बुधवार को बजट को पारित कर दिया गया.इसमें राजस्व मद के लिए 3,679.86 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद के लिए 4,164.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया.
अनुपूरक बजट में विभिन्न विकास कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं, ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े खर्चों के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है.बजट में गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना और हरिद्वार में कुंभ से संबंधित बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए भी राशि रखी गई है.
विपक्ष ने भ्रष्टाचार और अंकिता भंडारी प्रकरण पर उठाए सवाल
सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की.नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा भवन के बाहर धरना दिया. सदन के भीतर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा.
कांग्रेस विधायकों ने नियम 310 के तहत 210 करोड़ रुपये से जुड़े मामले पर चर्चा की मांग की. विरोध के दौरान विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुंचे, काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की. अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भी सदन में नारे लगाए गए. हंगामे के कारण कार्यवाही को पहले सुबह 11:20 बजे और फिर दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा.
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विपक्ष के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन में चर्चा के लिए अवसर उपलब्ध था. उन्होंने विपक्ष के रवैये की आलोचना की. दूसरी ओर, कांग्रेस ने सरकार पर महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया.
बाढ़ सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा भी उठा
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बाढ़ सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. कांग्रेस विधायक मोहम्मद शहजाद ने नियम 58 के तहत बाढ़ सुरक्षा का विषय उठाया, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री ने जवाब दिया.
इसके अलावा कोटद्वार में मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के लिए दीवार निर्माण और इस कार्य में स्थानीय लोगों की ओर से खर्च की गई राशि का मामला भी सामने आया. विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार को स्थानीय लोगों का पैसा लौटाने के निर्देश दिए.
गैरसैंण में इस साल दूसरी बार आयोजित हुआ विधानसभा सत्र
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में इस साल मार्च के बाद दूसरी बार सत्र आयोजित किया गया. राज्य गठन के बाद गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी. इस बार सत्र का मुख्य काम अनुपूरक बजट पारित करना और विभिन्न विधेयकों पर विधायी कार्यवाही पूरी करना रहा.
दो दिन की कार्यवाही के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया. इसके साथ ही भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र समाप्त हो गया. बजट पारित होने के साथ सरकार ने जरूरी वित्तीय और विधायी कार्य पूरे किए, जबकि विपक्ष के विरोध और सदन में उठाए गए मुद्दे राजनीतिक चर्चा का केंद्र बने रहे.

