US- Iran Tension : ईरान पर अमेरिकी हमलों का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इस बीच सोमालियाई मूल की एक अमेरिकी सांसद ने सवाल उठाया है कि आखिर अमेरिका रमजान के महीने में ही मुस्लिम आबादी वाले देशों पर हमले क्यों करता है ?
Iraq was attacked by the US during Ramadan and it sickening to know that the US is again going to attack Iran during Ramadan. The US apparently loves to strike Muslim countries during Ramadan and I am convinced it isn’t what these countries have done to violate international law…
— Ilhan Omar (@IlhanMN) February 27, 2026
अमेरिकी सांसद ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंसूबों पर सवाल उठाया हैं.सांसद इल्हान उमर ने अमेरिकी सरकार से इस संबंध में तीखे सवाल किये और कहा है कि सरकार जवाब दे कि उसकी मंशा क्या है . सांसद इल्हान उमर ने इराक पर अमेरिकी हमले का जिक्र करते हुए ये बाते कहीं.
US- Iran Tension:सांसद इल्हान उमर ने सोशल मीडिया पर लिखा पोस्ट
‘अमेरिका ने इराक पर रमजान के दौरान ही हमला किया था और यह जानकर बहुत दुख हो रहा है कि अमेरिका एक बार फिर रमजान में ही ईरान पर हमला करने जा रहा है. संभवतः अमेरिका को रमजान के दौरान ही मुस्लिम देशों पर हमला करना पसंद है.’ अमेरिकी सांसद ने अपने ट्वीट मे लिखा है है कि “और मुझे यकीन है कि इन देशों पर अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन ना करने की वजह से ये हमले नहीं किए जा रहे बल्कि इसीलिए कि वे किसकी पूजा करते हैं.”
यूरेनियम संवर्धन को लेकर आरान और अमेरिकी के बीच तगातार तनाव जारी है. अमेरिका लगातार ये धमकी दे रहा है कि अगर ईरान ने यूरेनियम संवर्धन जारी रखा तो अमेरिकी किसी भी समय हमला कर सकता है. दोनो देशो के बीच इस मुद्दे को सुलझाने के लिए वार्ता जारी है लेकिन फिलहाल कोई समाधान निकलता दिखाई नहीं दे रहे हैं,ऐसे में दोनो देशो के बीच किसी भी समय युद्ध के हालात बन सकते हैं. ईरान ने साफ तौर ये कह दिया है कि वो अपना परमाणू कार्यक्रम जारी रखेगा और यही अमेरिका के लिए रेडलाइन है. अमेरिका ने पिछले कई दिनों से ईरान के समुद्री क्षेत्र में बड़ी संख्या में अपने लड़ाकू विमान और युद्धपोत तैनात कर रखे हैं.
ईरान अमेरिका के बीच जिनेवा में हुई तीसरे दौर की वार्ता
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में कई घंटे की वार्ता हुई लेकिन कोई नतीजा निकल कर नहीं आया है.दोनो देशों के बीच मध्यस्था करने वाले ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने हलांकि दावा किया कि बातचीत में ‘महत्वपूर्ण प्रगति’ हुई है लेकिन अमेरिका की तऱफ से इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

