ईरान-अमेरिका वार्ता में प्रगति, विवाद सुलझाने के लिए बनीं 4 कमेटियां

US Iran Deal Talk Update लेक लूसर्न (स्विट्जरलैंड):  ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड में जारी शांति वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. स्विट्जरलैंड के  लेक लूसर्न में पाकिस्तान-कतर की मध्यस्था में चल रही अमेरिका ईरान वार्ता  के पहले दौर की बातचीत के बाद कतर और पाकिस्तान ने दावा किया है कि दोनों देशों ने विवादों के समाधान और समझौते के क्रियान्वयन के लिए चार उच्चस्तरीय कमेटियों के गठन पर सहमति जताई है. दोनों देशो के प्रतिनिधियों के बीच  वार्ता देर रात तक जारी रही. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने किया, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेरी घालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची मौजूद रहे.

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी इस साझा बयान को स्वीकार किया है. दोनों देशों के बीच 14 सूत्रीय समझौते पर बातचीत जारी है और इसे द्विपक्षीय संबंधों में अहम कदम माना जा रहा है.

US Iran Deal Talk Update : चार कमेटियां करेंगी वार्ता की निगरानी

वार्ता के बाद जारी योजना के अनुसार चार प्रमुख कमेटियां बनाई जाएंगी जो दोनों देशों के बीच हुई बातचीत और उसके आधार पर होने वाले समझौते पर नजर रखेगी.

1. हाई लेवल कमेटी

यह राजनीतिक स्तर की समिति होगी, जो पूरी वार्ता प्रक्रिया पर नजर रखेगी. मुख्य वार्ताकार इस समिति को नियमित रिपोर्ट देंगे.

2. लीड वर्किंग ग्रुप्स

ये समूह ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर काम करेंगे. दोनों विषयों के लिए अलग-अलग कार्य समूह बनाए जाएंगे.

3. मॉनिटरिंग एंड डिस्प्यूट रेजोल्यूशन ग्रुप

इस समूह की जिम्मेदारी समझौते और एमओयू के प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी करना होगी. किसी भी विवाद की स्थिति में यही समूह समाधान का प्रयास करेगा.

4. डि-कॉन्फिलेक्शन सेल

यह विशेष तंत्र लेबनान से जुड़े सुरक्षा और संघर्ष संबंधी मुद्दों पर काम करेगा.

लेबनान युद्ध को लेकर सकारात्मक संकेत

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान में जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में वार्ता के दौरान उल्लेखनीय प्रगति हुई है. उन्होंने इस दौर की बातचीत को ईरान और अमेरिका के बीच भरोसा बहाली की पहली वास्तविक परीक्षा बताया.

प्रतिबंधों में राहत पर बनी सहमति

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से हुई बातचीत में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है.

उन्होंने बताया कि ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियों में राहत दी गई है. इसके अलावा ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी समाप्त करने, फ्रीज की गई कुछ ईरानी संपत्तियों को जारी करने और ईरान के पुनर्निर्माण व विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी चर्चा हुई है.

मध्यस्थ देशों की भूमिका अहम

कतर और पाकिस्तान ने इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. दोनों देशों का कहना है कि वार्ता के पहले चरण में सकारात्मक माहौल बना है और आगे के दौर में कई लंबित मुद्दों के समाधान की संभावना बढ़ी है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित कमेटियां प्रभावी ढंग से काम करती हैं तो ईरान-अमेरिका संबंधों में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है.

वार्ता को लेकर ईरानी समाचार एजेंसी ने क्या लिखा 

ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, बातचीत के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया. तेहरान ने वाशिंगटन पर अपने वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि परमाणु कार्यक्रम पर आगे की चर्चा केवल पहले से हुए समझौतों के पालन पर निर्भर करेगी.

हालांकि तनावपूर्ण माहौल के बावजूद कतर और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालयों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि चार-पक्षीय वार्ता का पहला दौर सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ. सभी पक्षों ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते के लक्ष्य के साथ एक उच्च-स्तरीय समिति और रोडमैप पर सहमति जताई. साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए सीधा संचार तंत्र बनाने पर भी सहमति बनी.

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