डीके-डीके के नारे से भड़के कांग्रेस अध्यक्ष खऱगे,कार्यकर्ताओं को कह दिया यूजलेस फेलो….

Mallikarjun Kharge : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को कर्नाटक कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी कार्यकर्ताओं को कड़ी फटकार लगाई. कार्यक्रम के दौरान कुछ कार्यकर्ता मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में “डीके-डीके” के नारे लगाने लगे, जिससे खरगे नाराज हो गए.

खरगे ने मंच से ही कार्यकर्ताओं को शांत रहने का निर्देश देते हुए कहा कि यह किसी एक नेता का कार्यक्रम नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी का आयोजन है. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “चुप रहो, बैठ जाओ. ऐसा लग रहा है जैसे पूरा देश तुम्हारे हाथ में आ गया है.”

 Mallikarjun Kharge बोले -पार्टी को मजबूत करने का कार्यक्रम

कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शपथ ग्रहण समारोह का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना है, न कि किसी व्यक्ति विशेष का प्रचार करना. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों में अनुशासन सर्वोपरि है और सभी कार्यकर्ताओं को इसका पालन करना चाहिए. अंग्रेजी ऐर कन्नडा में दिये अपने भाषण में खरगे ने कहा –

“क्या आपके यहाँ चिल्लाने से पूरा देश प्रभावित होगा? यह किसी व्यक्ति का कार्यक्रम नहीं है, यह पार्टी का कार्यक्रम है. आप बेकार के लोग… यहाँ किसी व्यक्ति की पूजा नहीं होती, हम यहाँ पार्टी के कार्यक्रम के लिए हैं जो हम सभी को एक साथ लाता है. मुझे 58 साल का राजनीतिक अनुभव है. यहाँ कई नेता आए हैं; भले ही पार्टी में उनका योगदान कम रहा हो, लेकिन पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है. जो कोई भी यहाँ चिल्ला रहा है, उसका फुटेज होगा, फुटेज देखने के बाद मैं अनुशासनात्मक कार्रवाई करूँगा. 

कार्रवाई की चेतावनी

खरगे ने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यक्रम में बाधा डालने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है और इसकी समीक्षा के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।

डीके शिवकुमार ने भीड़ को किया शांत

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश करते नजर आए. उन्होंने मंच से लोगों को बैठने और कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से चलने देने का इशारा किया.

कर्नाटक कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति से जुड़ा मामला

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर लंबे समय से राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं. 2023 विधानसभा चुनाव के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया गया था, जबकि डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली थी.

बाद में मुख्यमंत्री पद के रोटेशन फॉर्मूले को लेकर अटकलें तेज हुईं. पिछले कुछ महीनों में दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच राजनीतिक गतिविधियां बढ़ीं. अंततः 28 मई को सिद्धारमैया ने पद छोड़ा और एक सप्ताह बाद डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर कर्नाटक कांग्रेस के भीतर अनुशासन और नेतृत्व संतुलन को लेकर चल रही चर्चाओं को हवा दे दी है.

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