यूपी में बड़े निवेश को तैयार उद्योग जगत, योगी सरकार के मॉडल की रामी रेड्डी ने की तारीफ

UP Textile Conclave 2026 लखनऊ: उत्तर प्रदेश को देश ही नहीं बल्कि वैश्विक वस्त्रोद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है. राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ का शुभारंभ हुआ. दो दिवसीय कॉन्क्लेव में देशभर से जुटे उद्योग जगत के दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साह जताया.

कार्यक्रम में रामकी समूह के फाउंडर एवं चेयरमैन, उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सदस्य अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए बने माहौल की सराहना की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में अनुशासन, सुरक्षा, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था से उद्योगपतियों का भरोसा बढ़ा है.

UP Textile Conclave 2026:योगी सरकार में निवेश के लिए भरोसे का माहौल: रामी रेड्डी

रामी रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसी दिशा में उत्तर प्रदेश भी तेजी से विकास कर रहा है. उनके मुताबिक, किसी भी उद्योगपति के लिए निवेश का फैसला लेते समय सुरक्षा और स्थिरता बेहद महत्वपूर्ण होती है.

उन्होंने कहा कि उद्योग जगत अपना निवेश ऐसे स्थान पर करना चाहता है, जहां कानून-व्यवस्था मजबूत हो और कारोबार के लिए स्थिर एवं भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध हो. उत्तर प्रदेश अपने विशाल बाजार, संसाधनों, मजबूत राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता के कारण निवेश के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य बनकर उभरा है.

रामी रेड्डी ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाएं और मजबूत होंगी।

तमिलनाडु के मॉडल से सीखकर यूपी को बनाना होगा नंबर-1

वस्त्रोद्योग को देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण उद्योगों में से एक बताते हुए रामी रेड्डी ने कहा कि तमिलनाडु ने टेक्सटाइल सेक्टर में उल्लेखनीय प्रगति की है. उत्तर प्रदेश को देश का नंबर-1 वस्त्रोद्योग राज्य बनाने के लिए तमिलनाडु समेत सफल राज्यों के अनुभवों से सीख लेने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अपनी परिस्थितियों और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए एक स्पष्ट विजन और मजबूत कार्ययोजना तैयार करनी होगी. इसके लिए सरकार और उद्योग जगत को साथ मिलकर काम करना होगा.

लखनऊ समेत कई जगह बन रहे टेक्सटाइल पार्क

रामी रेड्डी ने लखनऊ के आसपास और प्रदेश के चार-पांच स्थानों पर विकसित किए जा रहे वस्त्रोद्योग केंद्रों और पार्कों को महत्वपूर्ण पहल बताया. उन्होंने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि योगी सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर गंभीर है और इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है.

उन्होंने स्थिर नीतियों, बेहतर आधारभूत ढांचे और उपयोगी सेवाओं को उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बताया. साथ ही ‘वॉक टू वर्क’ कॉन्सेप्ट के तहत औद्योगिक इकाइयों को इन केंद्रों में लाने की बात कही. इससे एक तरफ उद्योगों को बेहतर इकोसिस्टम मिलेगा तो दूसरी ओर श्रमिकों को भी लाभ होगा.

भारतीय टेक्सटाइल मार्केट को 350 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

कॉन्क्लेव में प्रीकॉट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (CITI) के उपाध्यक्ष अश्विन चंद्रन ने भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन में तेजी से बदलाव हो रहा है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय खरीदार अब केवल कीमत नहीं बल्कि गुणवत्ता, तकनीक, स्थिरता, उत्पादकता और समय पर आपूर्ति को भी प्राथमिकता दे रहे हैं.

चंद्रन के मुताबिक भारत के पास कच्चे माल से तैयार उत्पाद तक पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन और विशाल घरेलू बाजार मौजूद है. अगले पांच वर्षों में भारतीय वस्त्र एवं परिधान बाजार को मौजूदा लगभग 180 अरब डॉलर से बढ़ाकर 350 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है. वहीं टेक्सटाइल निर्यात को करीब 37 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है.

AI और रोबोटिक्स से बदलेगा टेक्सटाइल सेक्टर

अश्विन चंद्रन ने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक विस्तार के साथ तकनीकी उन्नयन जरूरी होगा. टेक्सटाइल उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाना होगा.

उन्होंने उत्तर प्रदेश की ताकतों को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश के पास युवा कार्यबल, मजबूत MSME आधार, वस्त्र एवं परिधान क्लस्टर, हथकरघा और हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा तथा विशाल घरेलू बाजार मौजूद है.

उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश तकनीकी वस्त्र, टिकाऊ एवं रीसाइकिल्ड उत्पाद और उच्च मूल्य वाले होम टेक्सटाइल के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है.

यूपी टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार की भी बड़ी संभावनाएं

टेक्सटाइल उद्योग को विस्तार देने के लिए कुशल मानव संसाधन की जरूरत पर भी कॉन्क्लेव में जोर दिया गया. चंद्रन ने कहा कि स्थिर नीतियों और तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली-पानी, बेहतर परिवहन, कुशल श्रमिक और तेज मंजूरी निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्ता, उत्पादकता, स्थिरता, सप्लाई चेन की निगरानी और अनुपालन पर भी ध्यान देना होगा.

यूपी टेक्स मित्रा पोर्टल और नई योजनाओं की शुरुआत

कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक वस्त्रोद्योग केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया.

मुख्यमंत्री ने ‘यूपी टेक्स मित्रा’ पोर्टल, हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना तथा उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना का शुभारंभ किया. इसके अलावा यूपी टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत एलओसी और प्रोत्साहन राशि का वितरण भी किया गया.

इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश में टेक्सटाइल निवेश को बढ़ावा देने के साथ बुनकरों, श्रमिकों और उद्योगों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है.

कौशल विकास पर भी फोकस

अश्विन चंद्रन ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि CITI, भारत सरकार के समर्थ योजना के तहत टेक्सटाइल सेक्टर में कौशल विकास के लिए काम कर रहा है.

उन्होंने कहा कि इसी अनुभव के आधार पर संगठन उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर मौजूदा औद्योगिक क्लस्टरों और नई निवेश परियोजनाओं के लिए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने में सहयोग करने को तैयार है.

यूपी को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की तैयारी

यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 से प्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश, रोजगार और निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर, नीति, कौशल विकास और निवेश प्रोत्साहन पर जोर दिया जा रहा है, जबकि उद्योग जगत ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है.

कॉन्क्लेव में सामने आया संदेश स्पष्ट है कि विशाल घरेलू बाजार, युवा श्रमशक्ति, बेहतर कनेक्टिविटी और सरकारी नीतियों के सहारे उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है.

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