UP RS Elections BJP List लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में आठ उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। पार्टी की ओर से जारी सूची में कई नामों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर बीजेपी सात उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेजने की स्थिति में मानी जा रही है, जबकि आठवां उम्मीदवार उतारकर पार्टी ने चुनाव को सीधे मुकाबले की ओर बढ़ा दिया है.
BJP releases list of RS candidates from UP https://t.co/UXywRFjIRp
— Vasudha Venugopal (@Vasudha156) October 5, 2026
UP RS Elections BJP List:BJP ने इन 8 नेताओं को बनाया उम्मीदवार
बीजेपी की घोषित सूची में ये नाम शामिल हैं—
- धर्मपाल सिंह
- राधाकांत ओझा
- प्रकाश पाल
- विद्यासागर सोनकर
- गोपी कृष्ण पाण्डेय
- प्रियंका सिंह रावत
- राम प्रताप सिंह चौहान
- श्रुति गंगवार (झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की पुत्री)
पार्टी की इस सूची में अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समूहों से जुड़े चेहरों को जगह दी गई है. उम्मीदवारों के चयन के साथ ही यूपी की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है.
सात सीटों पर BJP की स्थिति मजबूत, आठवीं पर मुकाबला
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के हिसाब से बीजेपी सात राज्यसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जिताने की स्थिति में है. समाजवादी पार्टी दो सीटों पर जीत की स्थिति में है। ऐसे में दसवीं सीट को लेकर मुकाबला अहम माना जा रहा है।
बीजेपी ने आठ उम्मीदवार उतारकर आठवीं सीट के लिए भी दावा पेश किया है.इसके चलते राज्यसभा चुनाव में वोटों का गणित महत्वपूर्ण हो गया है और सभी राजनीतिक दलों की नजर विधायकों के समर्थन पर रहेगी.
क्यों अहम है यूपी का राज्यसभा चुनाव?
उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी विधानसभा वाला राज्य है और राज्यसभा में भी इसकी 31 सीटें हैं. इसलिए यहां होने वाला कोई भी राज्यसभा चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. निर्वाचन आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की कुल 31 सीटें हैं.
इस बार 10 सीटों पर चुनाव होना है. इनमें कई मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है, जबकि एक सीट इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है. ऐसे में चुनाव के नतीजे राज्यसभा में दलों की संख्या पर भी असर डालेंगे.
सपा ने पहले ही घोषित किए अपने उम्मीदवार
राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी भी मैदान में है. पार्टी की ओर से राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी नामांकन दाखिल कर चुके हैं. दसवीं सीट के लिए दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबले की संभावना ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है.
बीजेपी के आठ उम्मीदवारों के ऐलान के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि आठवीं सीट के लिए पार्टी को अतिरिक्त समर्थन कहां से मिलता है और विपक्ष इस चुनौती का किस तरह सामना करता है.
नामांकन की तारीख भी बेहद अहम
राज्यसभा चुनाव के कार्यक्रम के अनुसार यूपी की 10 सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है. नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे. इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी.
यानी उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद अब अगले कुछ दिन राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. खासतौर पर आठवीं सीट के लिए समर्थन जुटाने को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
विधानसभा चुनाव से पहले शक्ति परीक्षण
यूपी में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं. ऐसे में राज्यसभा चुनाव को केवल उच्च सदन की कुछ सीटों के चुनाव के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. यह चुनाव दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों के लिए संगठनात्मक ताकत और विधानसभा में अपने संख्या बल का इस्तेमाल करने की क्षमता दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है.
बीजेपी के आठ उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से सात सीटों पर संख्या बल के बावजूद आठवीं सीट के लिए चुनावी गणित अहम है, वहीं विपक्ष की रणनीति इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने उपलब्ध संख्या बल का किस तरह इस्तेमाल करता है.
नजर वोटों के गणित पर
बीजेपी की सूची सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल आठवीं सीट को लेकर है. सात सीटों के लिए पार्टी की स्थिति मजबूत बताई जा रही है, लेकिन आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी. यही वजह है कि आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में विधायकों के समर्थन और चुनावी रणनीति पर नजर बनी रहेगी.
राज्यसभा चुनाव का परिणाम 16 अक्टूबर को स्पष्ट होगा. फिलहाल बीजेपी के आठ उम्मीदवारों के ऐलान ने यूपी की सियासत में चुनावी हलचल जरूर बढ़ा दी है.

