UP Police Allowance Hike लखनऊ : उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले पुलिसकर्मियों के लिए राहत की खबर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की. इसके तहत फील्ड ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता ₹700 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिमाह कर दिया गया है. वहीं, प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) संवर्ग के अधिकारियों का वर्दी भत्ता ₹6,400 से बढ़ाकर ₹15,000 और आरक्षियों तथा मुख्य आरक्षियों का मोबाइल भत्ता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 प्रतिमाह करने का ऐलान किया गया.
इन घोषणाओं में सबसे अधिक प्रतिशत बढ़ोतरी PPS अधिकारियों के वर्दी भत्ते में हुई है. नई दरों के अनुसार, इस भत्ते में करीब 134 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. वहीं, मोटरसाइकिल भत्ते में लगभग 43 प्रतिशत और मोबाइल भत्ते में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है.
किस पुलिसकर्मी को कितना मिलेगा भत्ता?
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के मुताबिक, अलग-अलग श्रेणियों के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए भत्तों की नई दरें इस प्रकार हैं.
| पुलिसकर्मी/अधिकारी | पुराना भत्ता | नया भत्ता | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| फील्ड ड्यूटी वाले उपनिरीक्षक और निरीक्षक का मोटरसाइकिल भत्ता | ₹700 प्रतिमाह | ₹1,000 प्रतिमाह | ₹300 प्रतिमाह |
| PPS अधिकारियों का वर्दी भत्ता | ₹6,400 | ₹15,000 | ₹8,600 |
| फील्ड ड्यूटी वाले आरक्षी और मुख्य आरक्षी का मोबाइल भत्ता | ₹2,000 प्रतिमाह | ₹2,500 प्रतिमाह | ₹500 प्रतिमाह |
PPS अधिकारियों के भत्ते में 134% से ज्यादा की बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा में प्रांतीय पुलिस सेवा यानी PPS संवर्ग के अधिकारियों के वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी प्रमुख है. पहले यह राशि ₹6,400 थी, जिसे बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया है. इस तरह अधिकारियों को पहले के मुकाबले ₹8,600 अधिक मिलेंगे. प्रतिशत के हिसाब से यह करीब 134.4 प्रतिशत की वृद्धि है.
वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी से संबंधित अधिकारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ मिलेगा. भुगतान की वास्तविक अवधि और पात्रता के लिए विभागीय आदेश महत्वपूर्ण होगा.
दरोगा और इंस्पेक्टर को हर महीने ₹300 ज्यादा
फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षक यानी दरोगा और निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के मोटरसाइकिल भत्ते को ₹700 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिमाह किया गया है. इससे पात्र पुलिस अधिकारियों को हर महीने ₹300 अतिरिक्त मिलेंगे.
फील्ड ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को विभिन्न स्थानों पर पहुंचना पड़ता है. मोटरसाइकिल भत्ते में बढ़ोतरी को इसी जरूरत से जुड़ी सुविधा के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, इसका लाभ उन्हीं अधिकारियों को मिलेगा जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं.
सिपाही और हेड कांस्टेबल का मोबाइल भत्ता भी बढ़ा
सरकार ने फील्ड ड्यूटी में तैनात आरक्षियों यानी कांस्टेबल और मुख्य आरक्षियों यानी हेड कांस्टेबल के मोबाइल भत्ते को भी बढ़ाने की घोषणा की है. पहले यह राशि ₹2,000 प्रतिमाह थी, जिसे बढ़ाकर ₹2,500 प्रतिमाह कर दिया गया है.
इस बदलाव के बाद पात्र पुलिसकर्मियों को हर महीने ₹500 अतिरिक्त मिलेंगे. मोबाइल और संचार सुविधाएं पुलिसकर्मियों के लिए ड्यूटी के दौरान महत्वपूर्ण होती हैं. नई दर लागू होने और भुगतान की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी संबंधित विभागीय आदेश से स्पष्ट होगी.
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि
लखनऊ में पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि कुछ ऋण ऐसे होते हैं जिन्हें कभी चुकाया नहीं जा सकता और शहीद पुलिसकर्मियों के प्रति राष्ट्र का ऋण भी ऐसा ही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा, समाज में शांति और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. उनके मुताबिक, शहीदों के बलिदान को याद करना केवल श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है.
अपराधियों पर कार्रवाई को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों के दौर की कानून-व्यवस्था पर भी टिप्पणी की. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पुलिस अधिकारियों को राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ता था. उनके अनुसार, कई बार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय संबंधित अधिकारियों पर ही कार्रवाई हो जाती थी.
योगी ने पुराने दौर में पुलिसकर्मियों के संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय पुलिसकर्मियों को सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ता था और अपराधियों का प्रभाव कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 2017 में सत्ता में आने के बाद पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी और गरीबों, पीड़ितों, व्यापारियों तथा महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता बनाया. उन्होंने अपराधियों, माफिया और दंगाइयों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का भी उल्लेख किया.
2012 से 2017 के बीच 815 दंगों का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 815 दंगे हुए थे. दंगों का असर आम लोगों की दुकानों, मजदूरों की आजीविका और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है.
उन्होंने मथुरा के जवाहरबाग प्रकरण का भी उल्लेख किया और कहा कि उस घटना में पुलिस अधिकारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. मुख्यमंत्री ने इसे उस समय की कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से जोड़ते हुए पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखने की बात कही.
पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर सरकार का जोर
भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर की गई, जब देशभर में ड्यूटी के दौरान बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को याद किया जाता है. उत्तर प्रदेश में इस मौके पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के साथ पुलिस बल की भूमिका और उसकी कार्य परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई.
मोटरसाइकिल, वर्दी और मोबाइल भत्तों में बढ़ोतरी से पात्र पुलिसकर्मियों को आर्थिक लाभ मिलेगा. हालांकि, नई दरें कब से प्रभावी होंगी और भुगतान किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, इसकी अंतिम जानकारी संबंधित सरकारी आदेश से ही स्पष्ट होगी.

