UP NEET UG 2026 में SC-ST छात्रों की विशेष सीटों पर चंद्रशेखर आजाद की बड़ी मांग

UP NEET UG counselling cancelled : उत्तर प्रदेश में NEET UG 2026 की मेडिकल काउंसलिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों में SC-ST विद्यार्थियों के लिए विशेष सीट व्यवस्था पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की अंतरिम रोक के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. इस मुद्दे पर आजाद समाज पार्टी के नेता और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने राज्य सरकार से विशेष सीट व्यवस्था को स्थायी कानूनी संरक्षण देने की मांग की है.

16 सितंबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लागू विशेष आरक्षण व्यवस्था पर अंतरिम रोक लगाई. रिपोर्टों के अनुसार, विवादित व्यवस्था में लगभग 91 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा सामने आया था, जबकि कुछ रिपोर्टों में 73 प्रतिशत का उल्लेख किया गया है. अदालत ने इन कॉलेजों में सामान्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अनुरूप एससी के लिए 21 प्रतिशत, एसटी के लिए 2 प्रतिशत और ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर काउंसलिंग आगे बढ़ाने का निर्देश दिया.

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पहले जारी सीट आवंटन को निरस्त कर दिया गया और अभ्यर्थियों को नए सिरे से चॉइस फिलिंग करने के लिए कहा गया है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य अदालत के निर्देशों के अनुरूप संशोधित काउंसलिंग कराना है.

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि चारों मेडिकल कॉलेजों में SC-ST विद्यार्थियों के लिए विशेष सीट व्यवस्था को केवल शासनादेश के आधार पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से तत्काल अध्यादेश लाकर इस व्यवस्था को स्थायी कानूनी संरक्षण देने की मांग की है.

उनके मुताबिक, विशेष सीट व्यवस्था को लेकर विद्यार्थी पिछले वर्ष से संघर्ष कर रहे हैं. आजाद ने दावा किया कि इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में Special Component Plan के तहत प्राप्त धनराशि और SC-ST विद्यार्थियों के लिए निर्धारित व्यवस्था का उल्लेख पहले की न्यायिक कार्यवाही में सरकारी पक्ष की ओर से किया गया था.

आजाद ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट एवं दीर्घकालिक कानूनी समाधान की मांग की है.

पहले सीट मिल चुकी थी, अब दोबारा करनी होगी चॉइस फिलिंग

डीजीएमई की संशोधित प्रक्रिया के अनुसार,पहले सीट आवंटित हो चुके अभ्यर्थियों को भी नए सिरे से विकल्प भरकर सीट लॉक करनी होगी. सात सितंबर को जारी सीट आवंटन को अमान्य किए जाने के बाद संशोधित काउंसलिंग में निर्धारित समय के भीतर भाग लेना आवश्यक है.

चॉइस फिलिंग की शुरुआत -18 सितंबर 2026, शाम 5 बजे शुरू

चॉइस फिलिंग की अंतिम तिथि – 21 सितंबर 2026, शाम 5 बजे

सीट आवंटन परिणाम – 22 सितंबर 2026

प्रवेश प्रक्रिया – 23 से 26 सितंबर 2026

संशोधित कार्यक्रम सरकारी और निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा संस्थानों की राज्य कोटा सीटों पर लागू बताया गया है. अभ्यर्थियों को चॉइस फिलिंग, सीट लॉकिंग और प्रवेश संबंधी निर्देशों के लिए आधिकारिक UP NEET काउंसलिंग पोर्टल की जानकारी देखनी चाहिए.

मामला उत्तर प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS दाखिले के लिए लागू विशेष आरक्षण व्यवस्था से जुड़ा है. याचिका में आरक्षण के स्वरूप और राज्य की पूर्व न्यायिक प्रतिबद्धताओं से संबंधित सवाल उठाए गए थे.

हाईकोर्ट ने अंतरिम स्तर पर विवादित व्यवस्था पर रोक लगाई और निर्धारित आरक्षण प्रतिशत के अनुरूप काउंसलिंग आगे बढ़ाने की अनुमति दी. अदालत की कार्यवाही में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से भी पिछले आश्वासन के कथित अनुपालन को लेकर जवाब मांगा गया.

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