UP Gram Panchayat : उत्तर प्रदेश ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. प्रदेश के ग्राम पंचायत को नीति आयोग ने एक मॉल के रुप में स्वीकार किया है. प्रदेश की इस उलब्धि के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य की ग्राम पंचायत व्यवस्था को नीति आयोग ने पूरे देश के लिए एक “मॉडल पंचायत” के रूप में स्वीकार किया है. मुख्यमंत्री ने इसे उत्तर प्रदेश के गांवों में हुए व्यापक विकास और सुशासन का परिणाम बताया.
हमारी ग्राम पंचायत, ग्राम सचिवालय का एक मॉडल है,
जिसे नीति आयोग ने पूरे देश के अंदर एक ‘मॉडल’ के रूप में स्वीकार किया है… pic.twitter.com/7LuP4ETy1g
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 9, 2026
UP Gram Panchayat का नीति आयोग के द्वारा चुना जाना गर्व का विषय- सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पंचायतों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल प्रशासन, स्वच्छता, जल संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं. इसी का परिणाम है कि राज्य की ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है.
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक पंचायत की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के ग्रामीण विकास मॉडल की सफलता का प्रमाण है.
सीएम योगी ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही राज्य के सभी 75 जनपदों के 350 तहसीलों में 825 विकास खंड , 8 हजार न्याय पंचायतें हैं, जहां सरकार डिजिटल इंटरप्रेनियोरशिप की स्कीम लागू करेगी फिर ये व्यवस्था राज्य के 77,700 ग्राम पंचायतों में भी लागू किया जायेगा. सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश वो राज्य है जहां देश में पहली बार सरपंच से लेकर लेखपाल और तक को अपना कार्यालय मिला है. ग्राम सचिवालय के पास केवल एक कमरा नहीं बल्कि 6 -6 कमरों का कार्यालय है.
गांव में बनेंगे सारे प्रमाणपत्र
सीएम योगी ने बताया कि ग्राम सचिवालय के पास इतनी व्यवस्था कर दी गई है कि अब स्थानीय लोग अपना आय प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र,निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज अपने गांव से ही प्राप्त कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें जिसा कार्यालय में जाने की जरुरत नहीं होगी.
नीति आयोग ने क्यों चुना मॉडल पंचायत?
मुख्यमंत्री के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायत में विकास के कई ऐसे मानक स्थापित किए गए हैं जिन्हें देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है. पंचायत ने स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, डिजिटल सेवाओं, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है.
नीति आयोग ने इन उपलब्धियों का अध्ययन करने के बाद इसे देशभर के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्वीकार किया है।
ग्रामीण विकास में यूपी ने बनाई अलग पहचान
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने गांवों के समग्र विकास को प्राथमिकता दी है। सड़क, बिजली, आवास, शौचालय, पेयजल और डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा है।
अन्य राज्यों के लिए बनेगा उदाहरण
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जिस मॉडल को नीति आयोग ने स्वीकार किया है, उससे देश के अन्य राज्यों को भी सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा अब राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन रही है और ग्रामीण भारत के विकास में प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
पंचायत प्रतिनिधियों को दी बधाई
सीएम योगी ने इस उपलब्धि के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामवासियों और संबंधित अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और सुशासन के बिना इस तरह की सफलता संभव नहीं थी।
ग्रामीण भारत के लिए बड़ा संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी ग्राम पंचायत को नीति आयोग द्वारा राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्वीकार किया जाना न केवल उस पंचायत बल्कि पूरे राज्य के लिए सम्मान की बात है। इससे ग्रामीण विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और अन्य पंचायतों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।

