देश विरोधी नारे लगाने पर मिली अनोखी सजा की पहली किश्त पूरी, 21 बार बोला भारत माता की जय, तिरंगे को दी सलामी

Unique Punishment : भोपाल के मसिरौद थाने में आज एक अनोखा नजारा दिखाई दिया. एक युवक ने 21 बार भारत माता की जय बोला और फिर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी. दरअसल ये युवक अपनी सजा की पहली किश्त पूरी करने के लिए मिसरौद के पुलिस स्टेशन पहुंचा था.

मामला मई 2024 का है, जब फैजान नाम के इस इस युवक को पुलिस ने भारत विरोधी नारे लगाने के मामले में गिरफ्तार किया था. युवक पर आरोप था कि इसने भारत विरोधी नारे लगाये और वीडियो बनाया. गिरफ्तारी भी तब हुई जब इसका वीडियो वायरल हुआ.

फैजान पर आरोप लगा कि उसने इन नारों के जरिये लोगों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने की की कोशिश की और आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को चोट पहुंचाई. पुलिस ने अपनी दलील में इसे बड़ा अपराध बताते हुए अदालत में कहा कि इस युवक को जमानत नहीं मिलनी चाहिये.

Unique Punishment  : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दी अनोखी सजा

इस मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में हुई. मामले के तमाम साक्ष्यों और गवाहों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को अनोखी सजा दी है. कोर्ट ने फैजान को पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने के मामले में इस शर्त पर जमानत दी है कि वो हर महीने दो बार भोपाल के पुलिस थाने में आकर राष्ट्रीय ध्वज को 21 बार सलामी देगा और ‘भारत माता की जय’ के नारा लगायेगा. जमानत की शर्त के मुताबिक फैजान को हर महीने के पहले और चौथे मंगलवार को ऐसा करना है. इसी शर्त को पूरा करने फैसल आज भोपाल के मिसरौद थाने पहुंचा.

दरअसल हाइ कोर्ट के इस सजा की चर्चा भी इसलिए है क्योंकि अदालत का काम आरोपियों को सजा के माध्यम से उसे अपनी गलती का एहसास कराना होता है और इस केस में अदालत ने आरोपी को ऐसी सजा ही है कि वो जीवन भर भूल नहीं पायेगा कि उने क्या गलती की थी.

सजा की पहली किश्त पूरा करने के बाद मीडिया से बात करते हुए फैजान ने कहा भी कि उसे अपनी गलती का एहसास है. उसने नशे की हालत में रील बनाने के लिए वीडियो बनाया था और वो बोल दिया जो उसे बोलना नहीं चाहिये था.

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