Monday, January 26, 2026

Waqf bill: आपको 10 साल क्यों लगे? क्या केवल 240 सीटें जीत पाए इस लिए लाए बिल- कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन

Waqf bill: बुधवार को लोकसभा में वक्फ बिल पास करवाने के बाद गुरुवार को मोदी सरकार ने राजसभा में वक्फ बिल पेश किया. लोकसभा की तरह ही सरकार की ओर से किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया.
बिल पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि, गैर-मुस्लिम वक्फ संपत्तियों में हस्तक्षेप नहीं कर सकते. “ऐसा कहा जा रहा है कि हम जो कर रहे हैं, उससे मुसलमानों को नुकसान होगा, कुछ लोग कह रहे हैं कि विधेयक असंवैधानिक है. लेकिन मैं इन सभी आरोपों को बहुत स्पष्ट रूप से खारिज करता हूं. वक्फ संपत्ति का प्रबंधन, लाभार्थी, निर्माण केवल मुसलमानों के पास है, कोई भी गैर-मुस्लिम उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता,”

वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय को लेकर किरण रिजिजू ने उठाए सवाल

किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा, “आज की तारीख में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं… अगर 2006 में सच्चर समिति ने 4.9 लाख वक्फ संपत्तियों से 12,000 करोड़ रुपये की आय का अनुमान लगाया था, तो आप कल्पना कर सकते हैं कि अब इन संपत्तियों से कितनी आय हो रही होगी.”
उन्होंने कहा, “2014 के आम चुनावों से पहले आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले 5 मार्च 2014 को यूपीए सरकार ने 123 प्रमुख संपत्तियों को गैर-अधिसूचित कर दिया और उन्हें दिल्ली वक्फ बोर्ड को सौंप दिया. ये संपत्तियां आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की थीं.”

आपको 10 साल क्यों लगे? -कांग्रेस

राज्यसभा में बिल पर विपक्ष की ओर से मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन ने राज्यसभा में वक्फ बिल अपनी बात रखी. कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने भारतीय जनता पार्टी से पूछा कि अगर उन्हें लगता था कि 1995 का वक्फ बिल और 2013 में पेश किए गए संशोधन “असंवैधानिक और क्रूर” थे, तो उन्होंने इसे क्यों पारित होने दिया. उन्होंने कहा, “2014 में वे सत्ता में आए, 2024 तक उन्हें याद नहीं आया कि यह एक समुदाय को खुश करने के लिए एक क्रूर कानून था. 2024 में उन्हें अचानक वक्फ बोर्ड की याद आ गई. आपको 10 साल क्यों लगे? ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे केवल 240 सीटें जीत पाए और 2024 में उन्हें बहुमत नहीं मिला.”

‘आप सदियों पुरानी जगहों का सबूत कैसे मांगेंगे’- कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन

कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने वक्फ संपत्तियों का बचाव किया और उनके निरंतर अस्तित्व और उपयोग को सबूत के तौर पर पेश किया.
उन्होंने सदियों पुरानी जगहों के सबूत मांगने पर सवाल उठाते हुए कहा, “उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ, उपयोगकर्ता द्वारा मंदिर, उपयोगकर्ता द्वारा गुरुद्वारा…आप सभी के लिए सबूत कैसे मांगेंगे? आप सदियों पुरानी जगहों का सबूत कैसे मांगेंगे…वे दंगे भड़काने और अपना वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहे हैं.”

बुधवार को लोकसभा में पास किया गया Waqf bill

बुधवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को लोकसभा में पेश किया और इस बात पर जोर दिया कि यह मुसलमानों के खिलाफ नहीं है या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं है. उन्होंने कहा कि विधेयक वक्फ संपत्ति प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने, जटिलताओं को दूर करने, पारदर्शिता बढ़ाने और प्रौद्योगिकी-संचालित प्रशासन को लागू करने का प्रयास करता है.
लोकसभा में विपक्ष ने इस बिल का पुरज़ोर विरोध किया और इसे असंवैधानिक और मुसलमानों का हक़ छीनने वाला बताया. विपक्ष की ओर से कांग्रेस के गौरव गोगोई और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने बढ़िया भाषण दिए. वहीं एआईएमआईएम के प्रमुख औवेसी ने सदन में बिल की प्रति फाड़ अपना विरोध जताया.
लगभग 12 घंटे की बहस के बाद गुरुवार को यह विधेयक लोकसभा में 288-232 मतों से पारित हो गया.

ये भी पढ़ें-Bengal teacher recruitment scam: बंगाल सरकार को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने 25,000 शिक्षकों की बर्खास्तगी को बरकरार रखा

Latest news

Related news