भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब, ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’, के एक हिस्से को नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा लोकसभा Lok Sabha में पढ़ने की कोशिश को लेकर सोमवार को लोकसभा पहले तीन बजे तक फिर चार बजे और अंत में मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई.
राहुल गांधी Lok Sabha में किस विषय पर बोलना चाहते थे
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने 15-16 जून 2020 की रात पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प पर तबके पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अपनी किताब में लिखे संस्मरण को पढ़ने की कोशिश की थी लेकिन सत्ता पक्ष की ओर से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, फिर गृहमंत्री अमित शाह और फिर संसदीय मंत्री किरन रिजिजू ने उन्हें रोका और फिर स्पीकर ने ये कहकर की बिना छपे किसी के संस्मरण को कोट नहीं किया जा सकता, संसद की कार्रवाई को स्थगित कर दिया.
“वे एक लाइन से डरते हैं…मैं वह लाइन संसद के अंदर कहूंगा”-राहुल गांधी
लोकसभा में नहीं बोलने दिए जाने से नाराज़ विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, “…वे एक लाइन से डरते हैं. इसमें एक लाइन है जिससे पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह डरे हुए हैं. मैं वह लाइन संसद के अंदर कहूंगा, और कोई मुझे रोक नहीं पाएगा…”
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “…वे एक लाइन से डरते हैं। इसमें एक लाइन है जिससे पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह डरे हुए हैं। मैं वह लाइन संसद के अंदर कहूंगा, और कोई मुझे रोक नहीं पाएगा…” pic.twitter.com/sMVe8unmEr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2026
यह किताब का एक हिस्सा है और यह पब्लिश हो चुका है-प्रियंका गांधी
वहीं, संसद के अंदर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “…यह किसी पब्लिश्ड सोर्स से होना चाहिए, चाहे वह किताब हो या मैगज़ीन. यह किताब का एक हिस्सा है और यह पब्लिश हो चुका है. इसमें कोई अप्रमाणित सोर्स नहीं है…तो फिर दिक्कत क्या है?… वे क्यों डरे हुए हैं?…”
#WATCH दिल्ली | संसद के अंदर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “…यह किसी पब्लिश्ड सोर्स से होना चाहिए, चाहे वह किताब हो या मैगज़ीन। यह किताब का एक हिस्सा है और यह पब्लिश हो चुका है। इसमें कोई अप्रमाणित सोर्स नहीं… pic.twitter.com/5ezXH2HMdk
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मैं सदन में वही कहना चाहता हूं जो आर्मी चीफ (पूर्व) ने लिखा-राहुल गांधी
इसके साथ ही राहुल गांधी ने फिर दोहराया किवह सदन में सिर्फ जनरल की राय पढ़ना चाहते हैं. राहुल ने कहा, “मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है. मुझे बस 2-3 लाइनें बोलनी हैं. लेकिन ये बोलने नहीं दे रहे हैं. यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है. ये आर्मी चीफ (पूर्व) के शब्द हैं, और यह बातचीत उन्होंने राजनाथ सिंह जी और पीएम मोदी के साथ की थी। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मैं सदन में वही कहना चाहता हूं जो आर्मी चीफ (पूर्व) ने लिखा है और राजनाथ सिंह और पीएम मोदी ने उनसे क्या कहा और क्या आदेश दिया। लेकिन पता नहीं क्यों ये लोग डर रहे…”
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। मुझे बस 2-3 लाइनें बोलनी हैं। लेकिन ये बोलने नहीं दे रहे हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। ये आर्मी चीफ (पूर्व) के शब्द हैं, और यह बातचीत उन्होंने राजनाथ सिंह जी… pic.twitter.com/acyVUZYeRp
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ज़मीन ली गई या नहीं, यह एक अलग सवाल है-राहुल गांधी
इसके साथ ही विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “…यहां मुद्दा यह है कि प्रधानमंत्री ने क्या कहा और राजनाथ सिंह जी ने क्या कहा? ज़मीन ली गई या नहीं, यह एक अलग सवाल है. हम उस पर आएंगे. लेकिन उस पर आने से पहले, देश के नेता को दिशा दिखानी होती है. देश के नेता को फैसलों से भागना नहीं चाहिए और फैसले दूसरे लोगों के कंधों पर नहीं छोड़ने चाहिए। प्रधानमंत्री ने यही किया है…”
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “…यहां मुद्दा यह है कि प्रधानमंत्री ने क्या कहा और राजनाथ सिंह जी ने क्या कहा? ज़मीन ली गई या नहीं, यह एक अलग सवाल है। हम उस पर आएंगे। लेकिन उस पर आने से पहले, देश के नेता को दिशा दिखानी होती है। देश… pic.twitter.com/KBYRjwVanH
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “यह मैं नहीं कह रहा, यह बात पूर्व आर्मी चीफ ने एक किताब में लिखी है. उस किताब को पब्लिश नहीं होने दिया जा रहा है…और यह आर्मी चीफ का नज़रिया है. वे आर्मी चीफ के नज़रिए से इतना क्यों डर रहे हैं? आर्मी चीफ जो कहना चाहते हैं, उससे वे इतना क्यों डर रहे हैं? हम इससे कुछ सीखेंगे. बेशक, हम एक प्रधानमंत्री के बारे में कुछ सीखेंगे। हम राजनाथ सिंह जी के बारे में कुछ सीखेंगे. लेकिन हम सेना के बारे में भी कुछ सीखेंगे और यह भी सीखेंगे कि देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को कैसे निराश किया. मैं कह रहा हूं कि नरवणे जी ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह जी के बारे में अपनी किताब में साफ-साफ लिखा है. यह एक आर्टिकल में छपा है. मैं उस आर्टिकल को कोट कर रहा हूं. वे मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं… वे डरे हुए हैं क्योंकि अगर यह बात सामने आती है, तो नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की सच्चाई लोगों के सामने आ जाएगी और जब चीन हमारे सामने खड़ा था, आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ?”

