Bareilly Chowbari Fair : उत्तर प्रदेश के बरेली में सोमवार से य़हां लगने वाले सालाना चौबारी मेले Bareilly Chowbari Fair की शुरुआत हुई है.इस मेले में एक घोड़ा लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है. इस घोड़े का नाम है – बाहुबली. सिंधी नस्ल का ये घोड़ा लोगों को खूब पंसद आ रहा है. ये सफेद घोड़ा यहां बिकने आया है. इसकी नस्ल और इसके रंग के काऱण लोग इसे खूब पंसद कर रहे हैं.मेले में बाहुबली की कीमत ढाई लाख रखी गई है. इस मेले के आयोजकों का कहना है कि बुधवार तक मेले में कई नस्लों के पांच सौ से ज्यादा घोड़े बिकने के लिए आएंगे.
वर्षों से चली आ रही परम्परानुसार आज श्री रामगंगा चौबारी वार्षिक मेले का विधि-विधान से उद्घाटन किया गया।
तत्पश्चात् व्यवस्थाओं का जायज़ा लेकर
साफ़ सफ़ाई, सुरक्षा व्यवस्था तथा गंगा स्नान के समय घाटों पर सुरक्षा मानकों के बारे में पुनः निर्देशित किया गया। pic.twitter.com/8KOqtNEFFT— DM Bareilly (@dmbareilly) November 11, 2024
Bareilly Chowbari Fair में पाकिस्तानी घोड़ों की मांग
चौबारी के इस मेले की खासियत है कि इस बार यहां पाकिस्तानी नस्ल के घोड़ों की जमकर मांग हो रही है. उत्तर प्रदेश के बरेली में रामगंगा घाट पर हर साल लगने वाले चौबारी मेले में हजारों मवेशी बिकने के लिए आते हैं. मेले में लोग दूर-दराज से घोड़े बेचने खरीदने के लिए आते हैं.
इस मेले की खासियत ये है कि यहां बिकने आने वाले पाकिस्तान मूल के ऐसे घोड़े जो अब सीमा से लगे इलाकों में पाये जाते हैं,उनकी बहुत मांग रहती है . ये मेला एक सप्ताह तक चलता है औऱ इसमें वैसे तो कई नस्लों के घोड़े बेचने के लिए लाए जाते हैं, लेकिन सबसे अधिक मांग पाकिस्तान से लगे भारत के इलाकों जम्मू-कश्मीर, पंजाब और गुजरात बोर्डर्स पर पाए जाने वाले सिंधी नस्ल के घोड़ों की रहती है. इसका कारण ये है कि ये घोड़े छोटे कद-काठी के होने के बावजूद तगड़े होते हैं और इनमें वजन ढोने की क्षमता दूसरे घोड़ों से अधिक होती है.
1927 से यहां लग रहा है ये मेला
बरेली के राम गंगा घाट पर लगने वाला चौबारी मेला यहां 97 साल पहले यानी 1927 से लगना शुरु हुआ था और कोविड काल को छोड़ दें तो ये मेला हर साल निरंतर लगता रहा है. इस बार ये मेला यहां 11 नवंबर से शुरू हुआ है. मेला में नखासे सज गए हैं और दूर-दराज से यहां बाजार मे बिकने के लिए घोड़े आ गए हैं. ये मेला घोड़ों की खरीदा बिक्री के लिए मशहूर है..





