Wednesday, March 11, 2026

IRCTC lease case: दिल्ली हाई कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से किया इनकार

IRCTC lease case: सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के दो होटलों की लीजिंग में कथित गड़बड़ियों के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया.
यादव के वकीलों, कपिल सिब्बल और मनिंदर सिंह ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच से कार्यवाही पर रोक लगाने की अपील की, और कहा कि अगली सुनवाई 12 जनवरी को होनी है. इस मामले में रोज़ाना सुनवाई का आदेश दिया गया है, और एक महीने के अंदर दो गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है.

IRCTC lease case: कोर्ट ने CBI को जारी किया नोटिस

जस्टिस शर्मा ने कहा कि IRCTC होटल केस में यादव के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश 13 अक्टूबर को पास किया गया था, और स्टे याचिका जनवरी में दायर की गई थी. उन्होंने 13 अक्टूबर के आदेश को रद्द करने की याचिका पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के वकील डीपी सिंह को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई 14 जनवरी के लिए तय की.
जस्टिस शर्मा ने सिब्बल और सिंह से कहा, “आपको पहले आना चाहिए था. उन्हें [CBI] अपना जवाब दाखिल करने दें. मैं आपको एक तारीख दे रही हूं. नोटिस जारी करें.”

लालू प्रसाद यादव को “आपराधिक साजिश का सरगना”

13 अक्टूबर को दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने यादव, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, और उनके बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार, साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय किए. कोर्ट में लालू प्रसाद यादव को “आपराधिक साजिश का सरगना” बताया, जिसने ज़मीन और दूसरे फायदों के बदले रेलवे टेंडर में हेरफेर किया.
स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि पहली नज़र में ऐसे सबूत हैं जो दिखाते हैं कि लालू प्रसाद ने रेल मंत्री के तौर पर अपनी “पद का गलत इस्तेमाल” करके टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया. कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय किए.

क्या है IRCTC lease case

यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते रांची और पुरी में दो IRCTC होटलों को विजय और विनय कोचर की सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को लीज़ पर देने में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है. CBI ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में धांधली की गई ताकि कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके, जिसके बदले यादव परिवार को बहुत कम कीमतों पर ज़मीन और कंपनी के शेयर ट्रांसफर किए गए.
CBI की चार्जशीट में कहा गया है कि 2004 और 2014 के बीच होटलों को पहले रेलवे से IRCTC को ट्रांसफर किया गया और फिर ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए सुजाता होटल्स को लीज पर दिया गया. इसमें यह भी कहा गया है कि सुजाता होटल्स को चुनने के लिए टेंडर में हेरफेर किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ.
CBI की जांच के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, उनकी बेटी और तेजस्वी यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है.

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