Noida Engineer death investigation : 18-19 जनवरी की दरमयानी रात में नोयडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में एसआईटी (Special Investigation Team) ने अपनी जांच पूरी कर ली है. जल्द ही ये रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जायेगी.
Noida Engineer death investigation के दौरान 125 अफसरों के बयान दर्ज
एसआईटी ने इस जांच के दौरान नोयडा के 125 से अधिक अधिकारियों के बयान दर्ज किये हैं. जिसमें पुलिस , नोयडा अथॉरिटी और अन्य विभागों के अफसर और कर्मचारी शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना को लेकर अधिकारियों की कई रिपोर्ट्स को एसआईटी ने अस्वीकार कर दिया है. एसआईटी ने कहा कि जवाब संतोषजनक नहीं थे.सीएम योगी के निर्देश पर तत्काल नोयडा अथोरिटी के सीइओ एम लोकेश की जगह पर कृष्णा करुणेश को नोयडा अथॉरिटी का नया सीईओ बनाया गया है. इस के अलावा भी नोयडा अथॉरिटी के कई अधिकारियो को उनके पदों से हटाया गया है.
5 बिल्डरों पर एफआईआर दर्ज
निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और ऑथोरिटी के नियम- कानूनों के उल्लंघन के मामले में 5 बिल्डर और ठेकेदारों पर दूसरा नामजद एफआईआर दर्ज किया गया है. ये एफआईआर पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है.
इस मामले में अब नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (NGT) ने भी स्वतह संज्ञान लिया है और डीएम के साथ-साथ चार विभागों को नोटिस जारी किया है.
एसआईटी जांच के दौरान घटना के संदर्भ में अग्निशमन विभाग की भी लापरवाही सामने आई है. इस जांच के दौरान ये बात भी सामने आई है कि ड्यूटी पर तैनात जवान स्वीमिंग और अन्य ट्रेनिंग में लापरवाही बरतते हैं, जिसके कारण मौके पर वो अपना निर्धारित काम भी नहीं पाते हैं.
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एसआईटी की जांच में खुलासा
एसआईटी ने अपनी जांच के दौरान पाया कि घटना के स्थान पर निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में बेसमेंट खुदाई के लिए 2017 में केवल 3 महीने की अनुमति ली गई थी लेकिन यहां अवैध रुप से 2022-23 तक खनन चलता रहा. इस प्रोजेक्ट से बिल्डरों ने मिट्टी बेचकर अरबों रुपयों की कमाई की जिसके कारण सरकार को रॉयल्टी का भी भारी नुकसान हुआ. यहां गड्ढा 70 फीट खुदा हुआ था, जिसमें गिरने के कारण और समय पर सही मदद ना मिलने के कारण इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई.

