Rumors surrounding the PM’s appeal : सोना नहीं खरीदे… वर्क फर्म होम समेत खाने के तेल और घर के खर्च में कमी तक के पीएम मोदी की 7 अपील के बाद देशभर में एक बार फिर डर और दहशत का माहौल है. ऐसे में अलग अलग सूत्रों से मिल रही जानकारियों और अफवाहों का बाजार गर्म हो रहा है.
Rumors surrounding the PM’s appeal: क्या बैंको से निकाली की सीमा होगी तय ?
लोगो के बीच ये बात कही जा रही है कि नोट बंदी की तरह ही बैंकों से पैसे निकलने की सीमा तय की जा सकती है. इससे पहले जब तेल और गैस को लेकर पीएम ने बयान दिया था, तब पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के बाहर अफरातफरी का माहौल देखा गया था. इस बार फिर से जब देश के मुखिया पीएम मोदी ने इतनी गंभीर अपील की हैं तो एक बार फिर से ये अफवाहों को हवा मिल सकती है और बैंकों के बाहर भी लाइन देखने के लिए मिल सकती है.
पीएम देश को सच्चाई बतायें – अरविंद केजरीवाल, नेता आप
प्रधानमंत्री के रैली में दिए बयान के बाद पैदा होते हालात पर विपक्ष भी जवाब मांग रहा है. आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि देश आपके साथ संकट में खड़ा है. त्याग भी करेगा लेकिन ये तो बताए संकट कितना बड़ा है. उन्होंने कहा, “देश सदमे में है. मेरी PM से तीन रिक्वेस्ट हैं- उन्हें देश को बताना चाहिए कि आज हमारी इकॉनमी की क्या हालत है और आने वाले समय में क्या होने की उम्मीद है ?आज मार्केट में बहुत सारी अफवाहें उड़ रही हैं और यह इकॉनमी के कॉन्फिडेंस के लिए अच्छा नहीं है.”
#WATCH | On PM Modi’s appeal to the nation amid West Asia conflict, AAP National Convenor Arvind Kejriwal says, “The nation is in shock. I have three requests from the PM- He should tell the nation the condition of our economy today and what is expected in the near future. Today,… pic.twitter.com/c7XJVzCWiz
— ANI (@ANI) May 12, 2026
पीएम की अपील सरकार की नाकामी है – राहुल गांधी
इससे पहले कांग्रेस नेता और नेता विपक्ष राहुल गांधी का वो बयान जिसमें वह ईरान और अमेरिका युद्ध को लेकर संसद में चर्चा की मांग कर रहे थे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
लोग पूछ रहे है कि आखिर सरकार चर्चा और सच्चाई बताने से क्यों बच रही है. विपक्ष इस बात को खास तौर से मुद्दा बना रहा है कि हालात पिछले तीन महीने से खराब हैं, लेकि नपीएम मोदी को देश की याद पश्चिम बंगाल का चुनाव खत्म होने के बाद आई है. विपक्ष लगातार पूछ रहा है कि चुनाव के बीच अर्थव्यवस्था की हालत बिगड़ रही थी तो पीएम चुनाव में क्यों बीजी थे ?
इतना ही नहीं विपक्ष ये भी पूछ रहा है कि पीएम सिर्फ मिडिल क्लास से क्यों त्याग की उम्मीद कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा, “PM को आम आदमी के बजाय अपने ‘बहुत अमीर दोस्तों, मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों’ से खर्च कम करने की अपील करनी चाहिए थी.”
इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसको देखा जा सकता है कि मप्र में पाठ्य पुस्तक निगम के नये अध्यक्ष 700 गाड़ियों के काफिले के साथ उज्जैन से भोपाल आए. इस तरह के वीडियो से लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री जी ने #सोना, #विदेशयात्रा से लेकर यात्रा तक में किफायत की बात कही है, की सलाह दी है … ये मप्र में पाठ्य पुस्तक निगम के नये अध्यक्ष हैं ज्यादा नहीं उज्जैन से भोपाल बस 700 गाड़ियों के काफिले में आए … #Gold #विदेशीमुद्रा #वर्कफ्रॉमहोम pic.twitter.com/VO1PkDK6My
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) May 12, 2026
सरकारी अफसरों के तामझाम और इस तरह की फिजूल खर्ची से लोगों में रोष है. ऐसे में ये जरूरी होता जा रहा है कि क्या सरकार केवल लोगों के सामने देश की बिगड़ी अर्थव्यवस्था पर सफाई दे रही है, और इसका बोझ भी जनता पर ही डाल रही है.

