Wednesday, February 11, 2026

Uddhav Thackeray: पटना में विपक्षी बैठक में शामिल होने को लेकर सबसे ज्यादा निशाने पर रहे उद्धव ठाकरे, जानिए किसने क्या कहा

महाराष्ट्र की राजनीति में महाअघाड़ी पार्टियों को मिलती बढ़त और खासकर पार्टी टूटने के बाद उद्धव ठाकरे को मिले जनता की सहानुभूति ने उन्हें बीजेपी के निशाने पर लाकर खड़ा कर दिया है. शुक्रवार को पटना की बैठक के दौरान हुई बयान बाज़ी में भी उद्धव ठाकरे पर ही सबसे ज्यादा निशाना साधा गया.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, जो ओडिशा के कालाहांडी में थे. उन्होंने कहा, अभी-अभी पता चला कि उद्धव ठाकरे पटना की धरती पर लैंड कर गए हैं…इनके पिता हिंदू सम्राट’ बाला साहेब ठाकरे कहा करते थे कि मैं शिवसेना को कांग्रेस नहीं बनने दूंगा अगर मुझे कांग्रेस से हाथ मिलाना पड़ा तो मैं अपनी दुकान बंद कर दूंगा. आज बाला साहेब ठाकरे सोचते होंगे किसी और ने नहीं उनके बेटे ने ही उनकी दुकान बंद कर दी है.


इसी तरह विपक्षी एकता पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “इन्होंने नाम तो दिया है मोदी हटाओ, लेकिन यह गठबंधन परिवार बचाओ का है. सारी परिवारवादी पार्टियां अपने परिवार को बचाने के लिए गठबंधन कर रही हैं…ऐसा ही प्रयास 2019 में भी हुआ था पर कोई फायदा नहीं हुआ.” यहां सारी परिवारवादी पार्टियों फडणवीस का निशाना उद्धव की ओर ही था.

वैसे बीजेपी तो बीजेपी पटना में नहीं बुलाए गए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, ने भी हैदराबाद में बयान देकर पूछा कि क्या शिवसेना सेक्युलर हो गई है. ओवैसे ने कहा, “उस बैठक में शिवसेना है. क्या वे सेक्युलर हो गए हैं? उस बैठक में दिल्ली के CM हैं. उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का भाजपा का समर्थन किया था. उस बैठक में नीतीश कुमार हैं जो NDA के तरफ से मुख्यमंत्री रहे हैं… हम भी नहीं चाहते के 2024 में देश के प्रधानमंत्री मोदी बने लेकिन इन पार्टियों का ट्रैक रिकॉर्ड क्या है? कांग्रेस आगे रहना चाहती है, नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनने का ख़्वाब देख रहे हैं.”

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