शादियों के मौसम में बाजार होगा मालामाल,अगले 40 दिन में 32 लाख शादियों का अनुमान, 3.75 लाख करोड़ का होगा कारोबार

दिल्ली

शादियों  मौसम आया , बाजार में खुशहाली लाया

कोविड के कारण सुस्त पड़े बाजार में इस साल उछाल आने की उम्मीद है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यानी (कैट) की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल पूरे देश में करीब 32 लाख शदियां होंगी.जाहिर है भारतीय समाज में शादी एक ‘बिग फैट इवेंट’  है और इसमें लोग दिल खोल कर खर्चा करने से भी परहेज नहीं करते हैं. खास बात ये है कि केवल राजधानी दिल्ली में अगले 40 दिन में  करीब 3.5 लाख शादियां होने वाली हैं. कैट की रिपोर्ट के मुताबिक की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल इस अवधि में देशभर में करीब 25 लाख शादियां हुई थीं और इसमें करीब 3 लाख करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ था.

कैट के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक इस साल दिवाली में भी बंपर कारोबार हुआ है, इसलिए बाजार उम्मीद कर रहा है कि शादियों के मौसम में भी कारोबार बढ़िया होगा.

परंपरा के मुताबिक  देव उठावनी एकादशी ( 4 नवंबर) के साथ ही उत्तर भारत में शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है. अस साल 4 नवंबर से लेकर 14 दिसंबर तक शादियों और अन्य शुभ कामों के लिए सर्वोत्तम समय समय माना गया है.

 कैट ने शादियों में होने वाले खर्चे का सिलसिलेवार तरह से सर्वे किया है. सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक एक शादी में खर्च हाने वाले पैसों में लगभग 20 प्रतिशत वर वधु पर खर्चा होता है और लगभग 80 प्रतिशत पैसा शादी संपन्न कराने वाली एजेंसियों या शादी के कारोबार से जुड़े लोगों के पास जाता है.इसलिए भारत में शादी एक कारोबार का रुप ले चुका है .कैट की यह रिपोर्ट 35 शहरों के 4302 कारोबारियों और शादियों के लिए काम करने वाले अलग अलग कामों से जुड़े लोगों की की राय पर आधारित है

दिल्ली में करीब 3.50 लाख शादियां होंगी

दिल्ली की शादियां आमतौर पर लक्जरी इवेंट्स के लिए जानी जाती है.कैट के अनुमान के मुताबिक दिल्ली में शादियों के मौसम में करीब 75 हजार करोड़ का व्यापार होगा.

कैट ने एक अनुमान के हिसाब से रिपोर्ट बनाई है जिसमें बताया गया है कि 32 लाख शादियों में कतनी शादियों मे कितने खर्चे की संभवाना है

शादी ———प्रति शादी औसत खर्च  

6 लाख शादी   — 3 लाख

 10 लाख शादी  –5 लाख

10 लाख शादी —10 लाख

5 लाख शादी —-25 लाख

50 हजार शादी—50 लाख

50 हजार शादी –एक करोड़ से अधिक

ये एक औसत अनुमान है जो सर्वे के आधार पर बाजार के पंडितों ने लगाया है.

भारतीय शादियों के लिए शादियों का मौसम आने से पहले खरीदारियां शुरु हो जाती हैं.इस साल अक्टूबर से ही गाडियों,गैजेट्स से लेकर गहनों तक की मार्केटिंग बढ़ गई है.व्यापारी संगठनों ने दिवाली के सीजन में करीब 2.5 लाख करोड़ के व्यापार का दावा किया है. मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक शादियों का ये मौसम बाजार को मायूसी से निकालने के लिए एक सुनहरा मौका है.

कैट ने देश भर में जो सर्वे किया है उसके मुताबिक शादी में जिनके घर शादी है,उनके अलावा परिवार और रिश्तेदारों तक सब दिल खोलकर खर्चा करते हैं. एक शादी में पचासों तरह के व्यापार करने वालों का फायदा होता है. टेंट से लेकर ज्वेलर्स और कपड़ों  से लेकर पेंटर्स. सजावट तक सभी जो शादी के कारोबार से जुड़े हैं उनके पास करोबार का मौका आता है. शादी कराने वाली इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों के लिए भी ये सुनहारा मौका होता है.

 

Latest news

Related news