दिल्ली
साल 2022 का आखिरी पूर्ण चंद्रग्रहण 8 नवंबर को लगने जा रहा है. इसे लेकर तरह तरह की बातें की जा रही है. खगोलशास्त्र के लिए ये एक महत्वपूर्ण घटना होती है,क्योंकि इन ग्रहणों के प्रभाव को खोजने के लिए लगातार वैज्ञानिक खोज में लगे हैं. भारत में ज्योतिष इस खगोलीय घटना को मानव जीवन से जोड़ कर देखते हैं. ज्योतिषियो का मानना है कि ग्रहण का अलग अलग राशियों के लोगों पर खासा प्रभाव पड़ता है. चलिये तो हम आपको आगे बतायेंगे कि किस राशि पर इसका क्या प्रभाव होगा.इससे पहले जान लें ये चंद्रग्रहण कहां कहां दिखेगा…
कहां कहां दिखेगा ग्रहण
सबसे पहले हम आपको ये बताते है कि देश और दुनिया में ये पूर्ण चंद्रग्रहण कहां कहां और कब दिखेगा?
चंद्रग्रहण भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2.39 बजे से शुरु हो जायेगा. लेकिन उस समय भारत में दिन रहता है यानी भारत में सूर्य की रोशनी मौजूद रहती है इसलिए ग्रहण का प्रारंभ भारत में नहीं दिखेगा. भारत के कुछ हिस्सों में ग्रहण शाम 5 बजकर 8 मिनट पर दिखना शुरु हो जायगा और शाम 6.19 मिनट तक दिखेगा. पूर्वोत्तर के राज्यो में जल्दी सूर्यास्त हो जाता है इसलिए यहां चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा.
चंद्रग्रहण कार्तिक पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है. भारत से बाहर चंद्रग्रहण उत्तर अमरीका, दक्षिण अमरीका,ऑस्ट्रेलिया, उत्तर अटलांटिक महासागर, प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में दिखाई देगा.
देश के पूर्वी भाग में कोलकाता एवं गुवाहाटी में जब चंद्रोदय होगा,उस समय ग्रहण की पूर्णावस्था चल रही होगी. कोलकाता में लगभग 20 मिनट ग्रहण का आखिरी हिस्सा दिखाई देगा. गुवाहाटी में चंद्रोदय के समय से लेकर पूर्णावस्था के अंत तक की अवधि 38 मिनट की होगी.
देश के दूसरे शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई एवं बंगलुरू में चंद्रोदय लगभग पूर्ण होते हुए ही ग्रहण दिखाई देगा.
अगला चंद्रग्रहण अक्टूबर 2023 में होगा
भारत में दिखने वाला अगला चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर 2023 को होगा जो कि आंशिक चंद्रग्रहण होगा. चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को घटित होने वाली एक खगोलीय घटना है जब पृथ्वी सूर्य एवं चंद्रमा के बीच आ जाती है तथा ये तीनों एक सीधी रेखा में अवस्थित हो जाते हैं. पूर्ण चंद्र ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा पूर्णतया पृथ्वी की प्रच्छाया से आवृत हो जाता है तथा आंशिक चंद्र ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा का एक हिस्सा ही पृथ्वी की प्रच्छाया से ढक जाता है

