Bharat Bandh: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के एक जॉइंट फोरम द्वारा भारत-US ट्रेड डील और लेबर कोड के खिलाफ भारत बंद का देश के कई हिस्सों में असर देखने को मिल रहा है. बंद में शामिल 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों में INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, और UTUC शामिल हैं.
Bharat Bandh के समर्थन में विपक्ष का मकर द्वार पर प्रदर्शन
संसद के मकर द्वार पर विपक्ष के MPs ने भारत बंद के साथ एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शन किया. कांग्रेस ने इस प्रदर्शन का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “विपक्ष के MPs भारत-US ट्रेड डील में जनविरोधी बातों का विरोध कर रहे हैं और हमारे किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं. भारत के हितों पर कोई समझौता नहीं हो सकता.
उन किसानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए जिन्होंने पूरे भारत में बंद का आह्वान किया है, क्योंकि ट्रेड डील लोगों की सेवा के लिए होनी चाहिए, दबाव के लिए नहीं.”
Opposition MPs protest anti-people clauses in the Indo-US trade deal and stand firmly with our farmers. India’s interests are non-negotiable.
In solidarity with farmers who have called for an All India Bandh, because trade deals must serve people, not pressure.
📍 Makar Dwar,… pic.twitter.com/RdqZIrTMVA
— Congress (@INCIndia) February 12, 2026
वे (सरकार) किसानों के साथ धोखा कर रहे हैं.-प्रियंका गांधी
कांग्रेस MP प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्रेड यूनियनों की एक दिन की हड़ताल पर कहा, “वे (सरकार) जो कुछ भी कर रहे हैं वह पूरी तरह से गलत है. वे किसानों के साथ धोखा कर रहे हैं. उन्होंने जिस तरह की ट्रेड डील साइन की है, उसका नतीजा किसानों को भुगतना पड़ेगा. हम आज उनकी हड़ताल में लेबर यूनियनों का समर्थन कर रहे हैं.”
VIDEO | Congress MP Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) on day-long strike by trade unions, says, “Whatever they are doing is completely wrong. They are betraying the farmers. The kind of trade deal they have signed will result is sufferings for farmers. We are supporting the… pic.twitter.com/OQ9mjNfZyh
— Press Trust of India (@PTI_News) February 12, 2026
केरल में ट्रेड यूनियन की हड़ताल से आम जनजीवन प्रभावित, ट्रांसपोर्ट सेवाएं प्रभावित
केंद्र के लेबर कोड के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल से गुरुवार को पूरे केरल में आम जनजीवन ठप हो गया.
हालांकि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टी का ऐलान नहीं किया है, लेकिन ऑफिस में हाज़िरी कम रहने की उम्मीद है क्योंकि ट्रांसपोर्ट गाड़ियां सड़कों से नदारद हैं.
राज्य सरकार के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने एक ऑर्डर जारी किया है जिसमें कहा गया है कि हड़ताल की वजह से किसी अधिकारी की बिना इजाज़त गैरहाज़िरी को “डेज़-नॉन” माना जाएगा. ऑर्डर में कहा गया है कि अगर अधिकारी ड्यूटी पर नहीं आते हैं, तो जिस दिन हड़ताल हो रही है, उस दिन की सैलरी काट ली जाएगी.
#WATCH तिरुवनंतपुरम (केरल): नए लेबर कोड और VB-G-RAM G एक्ट के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया। pic.twitter.com/AlPLhblifl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 12, 2026
सरकारी ऑफिसों के अलावा, देश भर में 24 घंटे की हड़ताल की वजह से दुकानें और बिज़नेस भी बंद रहने की संभावना है.
यात्रियों पर सबसे ज़्यादा असर पड़ा, KSRTC और प्राइवेट बसें सड़कों से नदारद हैं और ऑटो-रिक्शा यूनियनों ने भी ऐलान किया कि वे हड़ताल के दौरान काम नहीं करेंगे.
Bharat Bandh: पश्चिम बंगाल में भी हड़ताल का असर
मजदूरों और किसानों की हड़ताल का असर कोलकाता में भी दिखा, यहां AIUTUC ने केंद्र सरकार की अलग-अलग पॉलिसी के विरोध में रैली निकाली.
#WATCH कोलकाता (पश्चिम बंगाल): AIUTUC ने केंद्र सरकार की अलग-अलग पॉलिसी के विरोध में रैली निकाली। pic.twitter.com/wsfcIaZ6tj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 12, 2026
ओडिशा में भी शुरु हुए विरोध प्रदर्शन
भुवनेश्वर में ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर, ओडिशा स्टेट कमेटी ने देश भर में हड़ताल में हिस्सा लिया, जिसे कई ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की अलग-अलग पॉलिसी के विरोध में बुलाया है.
#WATCH भुवनेश्वर, ओडिशा: ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर, ओडिशा स्टेट कमेटी ने देश भर में हड़ताल में हिस्सा लिया, जिसे कई ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की अलग-अलग पॉलिसी के विरोध में बुलाया है। pic.twitter.com/oYemc2DK3k
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 12, 2026

