Thursday, January 22, 2026

संचार साथी एप अनिवार्य इंस्टॉलेशन के फैसले को सरकार ने लिया वापस, जारी किया बयान

Sanchar Sathi App Removed :  केंद्र की मोदी सरकार ने स्मार्टफोन्स में अनिवार्य रुप से संचार साथी एप इंस्टॉल करने की अनिवार्यता वाले अपने फैसले को वापस ले लिया है. सरकार की तरफ से संचार मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी किया है, जिसमें मोबाइल कंपनियों को लिए गये आदेश को वापस लेने का बात कही गई है. सरकार ने अपने पहले आदेश में कहा था कि अब भारत में  बकनेवाले सभी स्मार्टफोन में संचार साथी एप को प्री इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा.

भारत सरकार  ने एपल से लेकर सैमसंग और तमाम अंतराष्ट्रीय कंपनियों के लिए ये आदेश जारी कर दिया था. लेकिन अब आदेश वापस ले लिया गया है.  टेलिकॉम मंत्रालय ने इस आदेश को वापस लेने की वजह बताते हुए कहा है कि पिछले 24 घंटों में इस ऐप को डाउनलोड करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है.

DoT withdraws its order
DoT withdraws its order

Sanchar Sathi App सरकार क्यों करना चाहती है प्री इंस्टॉल  

सरकार ने अपने बयान में पहले से एप (APP) इंस्टॉल करने के आदेश पर सफाई देते हुए कहा कि इसका मकसद साइबर सुरक्षा की प्रक्रिया को तेज़ करना था. इसलिए सभी मोबाइल निर्माता कंपनियों को संचारसाथी एप प्री इंस्टॉल करने के लिए कहा गया था.

सरकार के इस आदेश के बाद से विपक्ष  लगातार संसद में और बाहर विरोध कर रहा है. सामाजिक  संगठन के लोग सरकार के इस पैसले को निजता का हनन करने की कोशिश बता कर पिछले दो दिनों से विरोध प्रदर्शनों कर रहे हैं. विपक्ष और सामाजिक संगठनों का मनना है कि सरकार के इस तरह से एप प्री इंस्टॉल करने के पीछे आम नागरिको की निजता के अधिकारों का उल्लंघन करन है. इस ऐप का इस्तेमाल लोगों की जासूसी करने के लिए किया जा सकता है. विपक्ष इसे लगातार देसी पेगासस (जासूसी एप) बता रहा था.

विरोध के बाद संचार मंत्री ने दिया था सफाई

इस एप्प की खबर बाहर आने के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस और तमाम दूसरे विपक्षी दल सरकार के खिलाफ विरोध पर उतर आये, जिसके बाद संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बाहर आकर सफाई देनी पड़ी. सरकार के लिखित बयान के बावजूद संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को और फिर बुधवार को भी संसद परिसर में दोहराया कि अगर कोई चाहे तो इस एप्लिकेशन को फोन से हटाया जा सकता है.

 संचार साथी एप की क्या है जरुरत ?

लगातार विरोध के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि “सभी नागरिकों को साइबर सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से, सरकार ने सभी स्मार्टफ़ोन पर संचार साथी ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया है. यह ऐप सुरक्षित है और साइबर दुनिया में मौजूद खतरनाक तत्वों से नागरिकों की मदद के लिए बनाया गया है. ऐप में उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं है और उपयोगकर्ता जब चाहें ऐप को हटा सकते हैं.”

सिंधिया ने लोकसभा में ये भी कहा कि  “संचार साथी ऐप के साथ जासूसी न तो संभव है और न ही होगी. और मैं इसे किसी भी अन्य ऐप की तरह हटा सकता हूं, क्योंकि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार है. हमने इसे सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए यह कदम (अनिवार्य प्री-इंस्टॉलेशन) उठाया है.”

ये भी पढ़े :- “संचार साथी ऐप से जासूसी न तो मुमकिन है और न ही होगी”- लोकसभा…

संचार साथी क्या है?

संचार साथी एक ऐसा मोबाइल अप्लीकेशन है, जिसके द्वारा साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरुकता फैलाये जाने का दावा है. ये एप्लीकेशन एंड्रॉइड और एप्पल दोनों तरह के डिवाइसों के लिए उपलब्ध है.

 

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