विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने ईरान-US युद्ध पर चर्चा के लिए कल (बुधवार) को बुलाई सर्वदलीय बैठक

सरकार ने ईरान और US के युद्ध US Iran War की वजह से पश्चिम एशिया में बने हालात और विवाद पर चर्चा करने के लिए बुधवार, 25 मार्च को एक ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाई है. सरकार का ये फैसला तब आया जब विपक्ष ग्लोबल तनाव पर भारत के स्टैंड और इस मामले पर लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषण की आलोचना कर रहा है.
हिदुस्तान टाइम्स ने अपनी खबर में छापा है कि ऑल-पार्टी मीटिंग कल शाम 5 बजे पार्लियामेंट कॉम्प्लेक्स में होगी.
इसके बाद मंगलवार को डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक रिव्यू मीटिंग भी हुई, जिसमें उन्होंने CDS जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के चेयरमैन समीर कामत और दूसरे लोगों के साथ टकराव पर चर्चा की.

US Iran War:  PM मोदी के लोकसभा भाषण से से भड़का विपक्ष

सोमवार को, PM मोदी ने संसद में अपने भाषण में इस लड़ाई पर बात की और देश को भरोसा दिलाया कि सरकार इसके असर को कम करने की लगातार कोशिश कर रही है. युद्ध शुरू होने के 23 दिन बाद संसद में अपने पहले भाषण में, PM मोदी ने कमर्शियल जहाजों पर हमलों और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट को लेकर कहा कि ये “मंज़ूर नहीं”. साथ ही फ्यूल, फर्टिलाइज़र और नेशनल सिक्योरिटी पर इसके असर से जुड़ी चिंताओं पर बात की.
PM मोदी ने कहा कि भारत इस लड़ाई में शामिल सभी लोगों के संपर्क में है और उसने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा, “जहां तक डिप्लोमेसी की बात है, भारत का रुख बहुत साफ रहा है. शुरू से ही हमने इस लड़ाई पर अपनी गहरी चिंता जताई है. मैंने वेस्ट एशिया के सभी नेताओं से बात की और सभी से तनाव कम करने और इस लड़ाई को खत्म करने की अपील की है. हमने लोगों, ट्रांसपोर्ट और एनर्जी पर हमलों का विरोध किया है. कमर्शियल जहाजों पर हमले और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटें मंज़ूर नहीं हैं.”

विपक्ष पीएम के भाषण से संतुष्ट नहीं, कांग्रेस ने की चर्चा की मांग

लेकिन, उनके भाषण की कई विपक्षी नेताओं ने आलोचना की, जिन्होंने कहा कि PM मोदी ईरान पर US-इज़राइल के मिले-जुले हमले की निंदा करने में नाकाम रहे, जिससे दुनिया भर में तनाव पैदा हुआ. PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की बातों को “खुद की बड़ाई, कायरता और एकतरफ़ा बयानबाज़ी की मास्टर क्लास” कहा.
प्रियंका गांधी ने पीएम के भाषण के बाद लोकसभा में जंग से पैदा हुए हालात पर चर्चा की मांग दोहराते हुए कहा कि हमें भी सवाल पूछने और अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए.
वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जो पीएम के भाषण के समय लोकसभा में मौजूद नहीं थे, ने कहा कि मैं दावे के साथ कहता हूं कि पीएम इस मुद्दे पर चर्चा नहीं कराएंगे.
शिवसेना (UBT) MP प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस बात की आलोचना की और कहा कि PM ने देर से जवाब दिया. उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़ों को “पक्षपातपूर्ण” तरीके से संभालने की आलोचना की.
प्रियंका चतुर्वेदी ने न्यूज़ एजेंसी ANI से कहा, “अगर प्रधानमंत्री ने पहले ही हफ़्ते में देश को संबोधित किया होता, तो वे इज़राइल दौरे के पीछे के कारण बता सकते थे. वे बता सकते थे कि ईरान के सुप्रीम लीडर के गुज़र जाने के बाद, हमें अपनी संवेदनाएँ आधिकारिक तौर पर बताने में पूरे 3 दिन क्यों लग गए.”

भारतीय झंडे वाले जहाज़ और होर्मुज़ ब्लॉकेड पर क्या बोले पीएम मोदी

अपने भाषण में, PM मोदी ने माना कि ईरान-US युद्ध के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट के ब्लॉकेड ने कच्चे तेल, गैस और फ़र्टिलाइज़र की आवाजाही को बहुत मुश्किल बना दिया था. हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने LPG की सही सप्लाई पक्का करने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं. उन्होंने आगे कहा, “हम भारत पर असर को कम से कम करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. सरकार शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है. आज भारतीय इकॉनमी की बुनियाद मज़बूत है.”
हालांकि ब्लॉकेड की वजह से क्रूड ऑयल के फ्लो पर असर पड़ा है, लेकिन चल रही लड़ाई के बावजूद कई भारतीय झंडे वाले जहाज़ होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रे हैं. जैसा कि आप जानते है, UAE से दो LPG कैरियर और सऊदी अरब से एक क्रूड ऑयल कैरियर भारतीय पोर्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं.
शिपिंग मिनिस्ट्री के मुताबिक, MV जग वसंत के 26 मार्च को कांडला पोर्ट और MV पाइन गैस के 28 मार्च को न्यू मंगलौर पहुंचने की उम्मीद है.

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