Monday, March 2, 2026

पेन किलर निमोस्लाइड पर सरकार ने लगाया बैन,100MG से ज्यादा की डोज नहीं मिलेगी

Nimesulide Ban : भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2025 तक निमोसुलाइड (Nimesulide) की 100 mg से अधिक खुराक वाली ओरल (खाने वाली) दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है. फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

Nimesulide Ban : 100 एमजी से अधिक की नहीं मिलेगी दवा  

ये फैसला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिनिस्ट्री ने 29 दिसंबर 2025 को जारी किये गये नोटिफिकेशन के आधार पर लिया है. सरकार ने ये फैसला Drugs and Cosmetics Act, 1940 की धारा 26A के तहत लागू किया है.

किस बीमारी में काम आती है ये निमोस्लाइड मेडिसीन ?

आमतौर पर बुखार और किसी तरह के साधारण दर्द को कम करने के लिए इस मेडिसिन का इसेतमाल किया जाता है लेकिन सरकार ने अब नियम लागू किया है कि निमोस्लाइड की 100 mg से अधिक की खुराक खुले बाजार में नहीं बेची जायेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि कि दवाई के अधिक इस्तेमाल से लीवर और किडनी को जानलेवा नुकसान हो सकता है.

सरकार से विशेषज्ञों की सिफारिश

निमोस्लाइड 100 एमजी पर रोक लगाने का फैसला सरकार ने आईसीएमआर और सीडीएससीओ की विशेषज्ञ समिति की सिफारिश पर लिया है. ICMR और CDSCO की समिति ने इस दवाई के संबंध में चेतावनी दी कि इसकी हाई डोज से लीवर के अंदर गंभीर परिणाम हो सकते हैं, ये दवाई जानलेवा भी साबित हो सकती है.

पशुओं की स्टडीज में सामने आये खतरनाक परिणाम

इसी साल जनवरी के महीने में सरकार ने पशुओं के लिए बनने वाली दवाओं में उपयोग होने वाली सभी तरह के निमोस्लाइड दवाओं पर बैन लगाया था. बैन लगाने के कारणों के बारे में बताया गया कि इसका पर्यावरण पर बुरा असर पड़ रहा था क्योंकि ये दवा गाय- भैंस  जैसे पशुओं में उपयोग होने के बाद गिद्धों के लिए खतरा बन रही थी. स्टडीज में पाया गया कि गिद्धों के अंदर इस दवा के जाने के बाद 24 घंटे में  उनकी मौत हो जाती थी.

 दुनिया के कई देशों में पहले से बैन है ये मेडिसिन

 
निमोस्लाइड सॉल्ट पहली बार1985 में इटली में सामने आया. ये ड्रग NSAID (नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग) श्रेणी का है. मेडिसिन के उपर हुए रिसर्च के बाद दुनिया के कई देशों जैसे  इंग्लैंड , अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया  और जापान जैसे  देशों में इसे मंजूरी नहीं मिली. बताया गया कि इस मेडिसिन के लंबे समय तक इस्तेमाल से लीवर विषाक्त हो सकता है, इससे  ब्लीडिंग, किडनी डैमेज और त्वचा पर रेसेस  जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

भारत में अब तक की स्थिति

दुनिया के कई देशों में बैन होने के बावजूद भारत में इसका इस्तेमाल हो रहा था. 2011 में यूपीए सरकार ने बच्चों में निमोस्लाइड साल्ट के साथ बनने वाली दवाओं के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी लेकिन बड़े मरीजों की दवाओ में इसका इस्तेमाल जारी रहा. भारतीय फार्माकोपिया कमीशन ने मार्च 2023 में ये चेतावनी दी थी कि इस दवा के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. आखिरकार अब केंद्र सरकार ने तमाम अध्ययन  और विशेषज्ञों की सलाह देखते हुए भारत में निमोस्लाइड के इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है.

 बाजार में कौन सी दवा उपलब्ध है ?
निमोस्लाइड के साथ बनने वाली दवाओं जिसमें इसकी मात्रा  100 mg से कम है, वो बाजार में उपलब्ध हैं और डाक्टर की सलाह पर इसे बाजार से खरीदा जा सकता है.
इसके अलावा NSAID जैसे Paracetamol, Ibuprofen जैसी दवाएं भी  सुरक्षित विकल्प के रूप में बाजार में  उपलब्ध हैं.

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