केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि भारत में लॉकडाउन Lockdown की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं. उन्होंने “साफ़ तौर पर” कहा कि सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है. चल रहे ग्लोबल संकट के बीच, सरकार ने लोगों से शांत रहने की अपील की और कहा कि ऐसे समय में अफवाहें फैलाना “गैर-ज़िम्मेदाराना और नुकसानदायक” है.
लॉकडाउन की बड़ी अटकलों पर पुरी का यह जवाब सरकार के पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी में कटौती की घोषणा के तुरंत बाद आया, क्योंकि ईरान-US युद्ध के कारण दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई में रुकावट आ रही है.
हम फ्यूल, एनर्जी समेत सभी चीजों पर रियल टाइम नज़र रखे हैं- हरदीप पुरी
उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि दुनिया भर में हालात बदलते रहते हैं, और “हम एनर्जी, सप्लाई चेन और ज़रूरी चीज़ों में हो रहे डेवलपमेंट पर रियल-टाइम में करीब से नज़र रख रहे हैं.” पुरी ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में, हमारे नागरिकों के लिए फ्यूल, एनर्जी और दूसरी ज़रूरी सप्लाई की बिना रुकावट उपलब्धता पक्का करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि हम आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा, “भारत ने दुनिया भर में अनिश्चितताओं का सामना करते हुए लगातार मज़बूती दिखाई है, और हम समय पर, प्रोएक्टिव और मिलकर काम करना जारी रखेंगे.”
PM मोदी के भाषण के बाद Lockdown की अफवाहें हुई थी तेज
भारत में 2020 में Covid-19 महामारी की घोषणा के बाद पूरे देश में लॉकडाउन लगा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल ही में संसद में दिए भाषण के बाद फिर से ऐसे ही लॉकडाउन की अटकलें लगाई गईं, जिसमें उन्होंने ईरान-US युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में चल रहे संकट पर बात की.
कई पोस्ट में दावा किया गया कि PM मोदी लॉकडाउन की संभावना का इशारा कर रहे थे और इस चर्चा से “क्या भारत में लॉकडाउन वापस आ रहा है” और “भारत में लॉकडाउन की खबरें” जैसे सर्च शुरू हो गए.
हालांकि, प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कोविड-19 महामारी का ज़िक्र तो किया, लेकिन यह सिर्फ़ यह बताने के लिए था कि भारत ने एक ग्लोबल संकट से कैसे निपटा. उन्होंने लोगों से “तैयार और एकजुट रहने की अपील की, जैसे वे कोविड-19 महामारी के दौरान एक साथ खड़े थे,” लेकिन अपने भाषण के दौरान उन्होंने “लॉकडाउन” शब्द का ज़िक्र तक नहीं किया.
ऐसा लगता है कि यह कन्फ्यूजन LPG सप्लाई की मौजूदा चिंताओं और कुछ देशों में फ्यूल बचाने के उपायों की वजह से फैला है.
24 मार्च को, जिस दिन सरकार के लॉकडाउन के ऐलान के छह साल पूरे हुए, भारत में ऐसी ही एक और स्थिति की चर्चा तेज़ हो गई, भले ही देश को अब कोरोनावायरस से कोई बड़ा खतरा नहीं है.
पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी में कटौती
फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की चिंताओं के बीच भारतीयों को बड़ी राहत देते हुए, सरकार ने शुक्रवार को ऐलान किया कि घरेलू इस्तेमाल के लिए पेट्रोल और डीज़ल पर सेंट्रल एक्साइज़ ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर कम कर दी गई है.
इसके अलावा, डीज़ल पर ₹21.5 प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर ₹29.5 प्रति लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है ताकि उनकी सही उपलब्धता पक्की हो सके, फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने X पर लिखा, “इससे कंज्यूमर्स को बढ़ती कीमतों से सुरक्षा मिलेगी. माननीय PM @narendramodi ने हमेशा यह पक्का किया है कि नागरिकों को ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई और कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाया जाए.” उन्होंने यह भी कहा कि संसद को इन बदलावों के बारे में बता दिया गया है.
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