कांग्रेस नेता राहुल गांधी Rahul Gandhi ने शुक्रवार को “मिटने वाली स्याही” विवाद को लेकर चुनाव आयोग पर हमला बोला और कहा कि लोकतंत्र पर भरोसा “खत्म हो गया है”.
महाराष्ट्र के स्थानीय चुनावों में इस्तेमाल की गई स्याही के कथित तौर पर मिटने वाली होने की एक मीडिया रिपोर्ट शेयर करते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि “वोट चोरी” एक देश विरोधी काम है.
इलेक्शन कमीशन का नागरिकों को गुमराह कर रहा है-Rahul Gandhi
गांधी ने X पर लिखा, “इलेक्शन कमीशन का नागरिकों को गुमराह करना ही हमारे लोकतंत्र में भरोसे के खत्म होने की वजह है. वोट चोरी करना देश विरोधी काम है.”
Election commission gaslighting citizens is how trust has collapsed in our democracy.
Vote Chori is an anti-national act. pic.twitter.com/3FZKkDPwDg
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 16, 2026
क्या है मिटने वाली स्याही विवाद
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने गुरुवार को नगर निगम चुनावों के दौरान मिटने वाली चुनावी स्याही के इस्तेमाल की शिकायतों की जांच के आदेश दिए और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद “भ्रम पैदा करने वालों” के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी.
ठाकरे ने राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन का “खुलेआम पक्ष लेने” का आरोप लगाया और उन्हें सस्पेंड करने की मांग की.
वाघमारे ने मिटने वाली चुनावी स्याही के बारे में शिकायतों की जांच की घोषणा की और कहा कि यह दावा कि एसीटोन या नेल पॉलिश से इसे हटाया जा सकता है, गलत है. उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी स्याही हटाने या मतदाताओं के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
‘मिटने वाली स्याही’ के मुद्दे पर SEC का स्पष्टीकरण
जांच का आदेश देने से पहले, महाराष्ट्र SEC ने एक स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें कहा गया कि मतदाताओं की उंगलियों पर लगाई गई न मिटने वाली स्याही को हटाने की कोशिश करना, जिससे भ्रम पैदा हो, गैर-कानूनी है. चुनाव निकाय ने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति स्याही का निशान हटाने के बाद दोबारा वोट देने की कोशिश करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
SEC ने बयान में कहा, “पोलिंग स्टेशनों पर वोटर्स की उंगलियों पर लगाई गई पक्की स्याही को हटाने और इस तरह वोटिंग प्रोसेस में कन्फ्यूजन पैदा करने की कोशिशें गैर-कानूनी हैं. राज्य चुनाव आयोग ने साफ किया है कि अगर कोई व्यक्ति स्याही का निशान हटाने के बाद दोबारा वोट देने की कोशिश करता पाया गया, तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”
बयान में आगे कहा गया, “अगर कोई पोलिंग स्टेशन पर लगाई गई स्याही को गैर-कानूनी तरीके से हटाने की कोशिश करता है, तो उस वोटर को दोबारा वोट देने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. इस संबंध में पोलिंग स्टाफ को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं. जब कोई वोटर वोट डालता है, तो उसका रिकॉर्ड बनाया जाता है. इसलिए, अगर स्याही का निशान हटा भी दिया जाए, तो भी वोटर दोबारा वोट नहीं दे सकता. जागरूकता बढ़ाने के लिए, ये निर्देश एक बार फिर सभी संबंधित लोगों को जारी किए गए हैं.”

