Tesla India Sales : दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बाजार में अपनी धाक जमाने वाली Tesla भारत में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है. पिछले साल जुलाई में बड़े शोर-शराबे के साथ भारत में एंट्री करने वाली कंपनी की बिक्री के आंकड़े अब चिंता बढ़ाने लगे हैं.
कंपनी ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में अपना पहला शानदार शोरूम खोला था, जिसका उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने किया था. इसी के साथ Tesla Model Y को भारत में लॉन्च किया गया, जिसकी शुरुआती कीमत 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई लेकिन लॉन्च के करीब 7 महीने बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वे कंपनी के लिए काफी निराशाजनक हैं.
Tesla India Sales : 7 महीने में सिर्फ 342 कारें बिकी
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के अनुसार, Tesla India Motors and Energy Pvt Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 342 कारों की बिक्री की. इसका मतलब है कि देशभर में औसतन हर महीने सिर्फ 43 Tesla कारें ही बिक पाईं. यह आंकड़ा तब और चौंकाने वाला हो जाता है जब भारत के तेजी से बढ़ते EV बाजार से इसकी तुलना की जाए.
EV मार्केट में बूम, Tesla पीछे
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में कुल EV रिटेल करीब 24.52 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 24.6% की मजबूत बढ़त है.
सिर्फ इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की बात करें तो इसमें 83.63% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई और कुल बिक्री 1,99,923 यूनिट्स तक पहुंच गई.
यानी जहां देश में करीब 2 लाख इलेक्ट्रिक कारें बिक रही हैं, वहीं Tesla का 342 यूनिट्स पर सिमट जाना कंपनी की रणनीति पर सवाल खड़े करता है.
महंगी कीमत बनी सबसे बड़ी बाधा
भारत में Tesla की धीमी बिक्री की सबसे बड़ी वजह इसकी ऊंची कीमत मानी जा रही है.Tesla Model Y की कीमत भारत में 60 से 70 लाख रुपये के बीच है, जो अमेरिका के मुकाबले लगभग 70% तक ज्यादा है. इसकी वजह भारत में लगने वाली 70–100% तक की भारी इंपोर्ट ड्यूटी है. भारत जैसे प्राइस-सेंसिटिव बाजार में इतनी महंगी कार केवल सीमित लग्जरी ग्राहकों तक ही सिमट जाती है.
मास ब्रांड’ नहीं, ‘निश प्रोडक्ट’ बनकर रह गई Tesla
भारत में लग्जरी कारों का बाजार कुल ऑटो सेक्टर का सिर्फ करीब 1% है. ऐसे में Tesla अभी तक आम ग्राहकों तक पहुंच नहीं बना पाई है. कंपनी की मजबूत टेक्नोलॉजी और ग्लोबल ब्रांड वैल्यू के बावजूद, भारत में इसकी स्थिति एक ‘निश प्रोडक्ट’ जैसी बनी हुई है. ऐसे में जानकारों की राय है कि अगर Tesla को भारत में अपनी पकड़ मजबूत करनी है, तो उसे कीमत कम करने, लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर देने और ज्यादा किफायती मॉडल लॉन्च करने जैसे कदम उठाने होंगे.

