Wednesday, February 18, 2026

तेजस्वी यादव होंगे बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष, जानिए आरजेडी की बैठक में क्या हुआ

राघोपुर से राजद विधायक तेजस्वी यादव Tejashwi Yadav को बिहार विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया है. सोमवार (17 नवंबर) को तेजस्वी के आवास पर हुई पार्टी की बैठक में ये फैसला हुआ, सूत्रों के अनुसार तेजस्वी विधायक दल का नेता नहीं बनना चाहते थे इसलिए इस बैठक में लालू यादव और राबड़ी देवी भी मौजूद रहे और उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया.

जो जनादेश आया है, उसे ना बिहार की आवाम हजम कर रही है ना नेता- शक्ति सिंह यादव

राजद की बैठक संपन्न होने के बाद RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा, “…बैठक में सब लोगों ने तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया है. समीक्षा बैठक में स्पष्ट तौर पर सभी ने अपनी बातें रखी हैं. जनादेश पर भी लोगों ने राय प्रकट की…जो जनादेश आया है, उसे ना बिहार की आवाम हजम कर रही है ना नेता हजम कर रहे हैं…”

वहीं, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, “नव निर्वाचित विधायकों के द्वारा तेजस्वी यादव को दल की तरफ से विधानमंडल का नेता चुना गया है. जो दिशानिर्देश मिला है उसपर हम लोग काम करेंगे…EVM में चोरी हुई है, EVM के खिलाफ लड़ाई लड़नी है। बैलेट पेपर से जो हुआ है उसमें हम चुनाव जीते हैं. EVM में ही हारे हैं.”

Tejashwi Yadav ही पार्टी के अगले नेता हैं- लालू यादव

वहीं एबीपी न्यूज के मुताबिक करारी चुनावी हार के बाद लालू यादव ने ये साफ कर दिया है कि तेजस्वी यादव ही राजेडी के नेता होंगे. बैठक के बाद पत्रकारों के पारिवारिक कलह पर सवाल पूछने पर आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा ने बैठक से निकल कर कहा कि बैठक में लालू यादव ने स्पष्ट सन्देश दे दिया है कि तेजस्वी यादव ने पार्टी के लिए बहुत मेहनत की है. तेजस्वी ही पार्टी के अगले नेता हैं.

चुनावी हार के बीच पारिवारिक संकट से जूझ रहा लालू परिवार

14 नवंबर को बिहार चुनाव में एनडीए को निर्णायक जीत मिलने के साथ ही आरजेडी को बड़ा झटका लगा.
143 में से केवल 25 सीटें जीतने वाली राजद, लालू यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य के पार्टी छोड़ने और राजनीति से दूर रहने के फैसले के बाद आंतरिक उथल-पुथल से जूझ रही है.
आचार्य ने परिवार में दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है और एक्स पर कई पोस्ट में गहरी व्यक्तिगत पीड़ा व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने खुद को परित्यक्त बताया है और अपने आसपास के लोगों के व्यवहार की आलोचना की है.
उनकी यह टिप्पणी पार्टी छोड़ने की घोषणा के एक दिन बाद आई है और उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों, हरियाणा से सांसद संजय यादव और उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रमीज़ को चुनावों में राजद के खराब प्रदर्शन के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था.
इस विवाद पर एनडीए नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, उन्होंनेतेजस्वी यादव की आलोचना करते हुए कहा है कि वे अपने ही परिवार में महिलाओं की गरिमा की रक्षा करने में विफल रहे हैं, और बिहार के लिए बेहतर शासन का वादा करने के उनके नैतिक अधिकार पर सवाल उठाया है.

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