Thursday, March 12, 2026

Gyanvapi परिसर में कल से शुरू होगा सर्वे,मुस्लिम पक्ष के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले हिंदु पक्ष ने दाखिल किया कैवियेट

वाराणसी :  ज्ञानवापी परिसर में सर्वे पर दिये हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है. गुरुवार को इलाहाबाद हाइकोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में ASI सर्वे को इजाजत दे दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले  में कहा कि सर्वे से किसी भी पक्ष को नुकसान नहीं है. इसलिए सर्वे जारी रखने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिये. हाइकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष  सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है. इसे देखते हिए हिंदु पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में कैवियेट दाखिल किया है.

Gyanvapi परिसर को लेकर मुस्लिम पक्ष की दलील

ज्ञानवापी परिसर को मस्जिद बताते हुए मुस्लिम पक्ष ने दलील दी कि इस मस्जिद में पिछले 350 साल से नमाज होती आ रही है. ये जगह मस्जिद ही है. अपनी दलील में मुस्लिम पक्ष ने दलील दी कि ASI य़हां जांच के दौरान मुख्य ढांचे में तोड़ फोड़ करके जांच करेगा इसलिए इस सर्वे पर तत्काल रोक लगाई जाये. समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन न फैसला आने के बाद कहा कि उम्मीद है ASI निष्पकष जांच करेगा. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि इस मामले में प्लेसेस ऑफ वर्शिप एकेट लागू होना चाहिये.

Gyanvapi में मौजूद प्रतीकों की सुरक्षा के लिए हाइकोर्ट में PIL

ASI सर्वे की इजाजत के बाद हिंदु पक्ष की ओर से  इलाहाबाद हाइकोर्ट में  आज एक और जनहित याचिका दाखिल की गई है. ये याचिका ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले नें याचिका दायर करने वाली याचिकाकर्ता राखी सिंह की तरफ से दाखिल की गई है. याचिका  में मांग की गई है कि जब तक ASI अपनी  जांच पूरी नहीं कर लेती है तब तक ज्ञानवापी परिसर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगनी चाहिये और परिसर में मौजूद हिंदु प्रतीकों की सुरक्षा के आदेश दिये जाने चाहिये.

शुक्रवार से फिर शुरु होगा Gyanvapi का सर्वे. डीएम ने जारी किये आदेश

इलाहाबाद हाइकोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर से शुक्रवार से ASI ज्ञानवापी परिसर में सर्वे का काम शुरु करेगा. वाराणसी के डीएम एस राजलिंगम ने कोर्ट के फैसले क बाद एक आदेश जारी करते हुए कल से सर्वे का काम शुरु हो जाने की बात कही है.

Gyanvapi पर हाईकोर्ट का आदेश

मुस्लिम पक्ष की तमाम आपत्तियो को खाकिज करते हुए इलाहाबाद हाइ कोर्ट ने अपने फैसले मे कहा कि इस जगह पर ASI सर्वे से किसी का कोई नुकसान नहीं है. मुस्लिम पक्ष की ओर से जांच के दौरान तोड़फोड़ की आशंका का समाधान करते हुए इलाहाबाद हाइकोर्ट ने कहा कि ASI ने अदालत में ये एफिडेबिट दिया है कि सर्वे की दौरान मूल ढांचे में कोई तोड़ फोड़ नहीं होगी. ऐसे में ASI के एफिडेबिट पर अविश्वास करने का कोई आधार नहीं है.. इसलिए जिला न्यायालय के फैसले को बहाल रखते हुए जांच शुरु  जाये.

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