Tuesday, January 13, 2026

“कोई फिर सरदार पटेल बने और इस विचारधारा पर बैन लगे”, सरदार पटेल की जयंती पर अखिलेश यादव ने साधा आरएसएस पर निशाना

शुक्रवार को समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव Akhilesh Yadav ने सरदार वल्लभभाई पटेल का हवाला देते हुए आरएसएस पर हमला बोला और कहा कि इस संगठन पर पूर्व गृह मंत्री ने प्रतिबंध लगाया था. अखिलेश यादव ने कहा, आज जरूरत है कि “कोई फिर सरदार पटेल बने और इस विचारधारा पर बैन लगे”

एसपी ने सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने का संकल्प लिया

राष्ट्रीय एकता दिवस, जो वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अन्य पार्टी नेताओं के साथ मिलकर देश को एकजुट रखने और लोगों में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया. सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर, उन्होंने उनके आदर्शों और सिद्धांतों को बनाए रखने और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराकर सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने का संकल्प लिया.

सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था.”- Akhilesh Yadav

लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, अखिलेश ने दावा किया कि हिंदू महासभा और आरएसएस पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया क्योंकि “महात्मा गांधी की हत्या में उनकी कथित भूमिका थी”. वह 1940 के दशक के अंत में आरएसएस पर लगे प्रतिबंध का ज़िक्र कर रहे थे, जिसे कुछ महीने बाद हटा दिया गया था.
आरएसएस पर तंज कसते हुए, सपा नेता ने कहा, “आप चैटजीपीटी पर देख सकते हैं कि सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध क्यों लगाया था.”
उन्होंने आगे कहा, “हिंदू महासभा और आरएसएस, दोनों पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया क्योंकि महात्मा गांधी की हत्या में उनकी कथित भूमिका थी. यह चैटजीपीटी के अनुसार है.”

“कोई फिर सरदार पटेल बने और इस विचारधारा पर बैन लगे”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अखिलेश यादव से जब फिर सरदार पटेल को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, आज जरूरत है कि “कोई फिर सरदार पटेल बने और इस विचारधारा पर बैन लगे”

इसके साथ ही सपा नेता ने आगे कहा कि आरएसएस पर सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा फैलाने के लिए प्रतिबंध लगाया गया था, और कहा, “मुझे दोष मत दीजिए, यही चैटजीपीटी कहता है.”
अखिलेश ने यह भी कहा कि आरएसएस पर प्रतिबंध लिखित आश्वासन के बाद ही हटाया गया था.
वल्लभभाई पटेल के बारे में बोलते हुए, सपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर उनके नाम पर एक विश्वविद्यालय बनवाएगी.

ये भी पढ़ें-पहली बार लालू परिवार से मिला तेजप्रताप यादव को समर्थन,क्या चुनाव में मिलेगा इसका फायदा ?

Latest news

Related news