Tuesday, June 30, 2026
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पेरिस पैरा-ओलंपिक में शीतल देवी ने विश्व रिकार्ड तोड़कर रचा इतिहास. प्रियंका गांधी ने दी बधाई

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Paris Paralympics 2024: Sheetal Devi
Paris Paralympics 2024: Sheetal Devi

Paris Paralympics 2024 : गुरुवार (29 अगस्त) को भारतीय तीरंदाज शीतल देवी (Sheetal Devi Paralympic athlete) ने  पेर‍िस पैरालंप‍िक में इतिहास रच दिया है.उन्होंने अपने डेब्यू पैरालंप‍िक में जबर्दस्त प्रदर्शन किया लेकिन विश्व रिकॉर्ड बनाते बनाते चूक गई .महज 17 साल की उम्र में  महिलाओं के इंडिविजुएल कंपाउंड प्रतियोगिता में  पैरा एथलीट शीतल देवी ने जो शानदार प्रदर्शन किया, उससे उसकी खूब वाहवाही हो रही है. शीतल देवी जन्म से ही फोकोमेलिया नाम की दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त हैं. उनके दोनों हाथ नहीं हैं, बावजूद इसके शीतल देवी का प्रदर्शन पिछले कुछ सालों में शानदार रहा है.

Paris Paralympics 2024 में शीतल देवी ने तोड़ा रिकॉर्ड

शीतल देवी ने रैंकिंग राउंड में पैरा गेम्स वर्ल्ड रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए 703 अंक बनाए, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी ने क्वालिफिकेशन राउंड के अंतिम शॉट में उन्हें पीछे पछाड़ दिया. क्वालिफिकेशन राउंड में तुर्की की ओजनूर गिर्डी क्यूर ने 704 अंक बनाकर विश्व रिकार्ड बनाया . शीतल देवी के  अपने 703 प्वाइंट के साथ इस महीने की शुरुआत में ब्रिटेन की फोबे पाइन पीटरसन के पीछे छोड़ दिया था. फोबे पाइन पीटरसन ने 698 अंक बनाया था.

कौन हैं शीतल देवी,जिसने पैरा ओलंपिक में रच दिया इतिहास

शीतल देवी जम्मू कश्मीर के एक गरीब परिवार से आती हैं. शीतल जन्म से ही फोकोमेलिया नाम की दुर्लभ बीमारी से ग्रसित हैं.लेकिन शारीरिक विकार के बावजूद शीतल ने अपने लिये तीरंदाजी  जैसा खेल चुना और सभी बाधाओं को पार करते हुए तीरंदाजी की दुनिया में चैंपियन बनी. दरशअल फोकोमेलिया या एमीलिया के नाम से जाने जानी वाली ये एक ऐसी दुर्लभ स्थिति है, जिसमें पीडित के हाथ पैर बहुत छोटे अविकसित रह जाते हैं.

 प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर दी बधाई 

पेरिस ओलंपिक में भारत के कमपाउंड तीरंदाजी का प्रतिनिधित्व कर रही शीतल देवी की उपलब्धि पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है. प्रियंका गांधी ने लिखा है – “पैरिस पैरालंपिक में भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचा है। जम्मू-कश्मीर के एक किसान परिवार में जन्मी शीतल देवी का संघर्ष, परिस्थितियों को हराने का उनका जज्बा और बाधाओं के पहाड़ लांघ जाने वाला आसमान सा हौसला पूरे देश के लिए प्रेरणा है. शीतल देवी को ढेरों बधाइयां और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं.”