Semicon India 2025 : 2 सितंबर से दिल्ली के यशोभूमि में सेमिकॉन इंडिया 2025 की शुरुआत हुई,जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया. तीन दिन चलने वाला ये कॉन्फ्रेंस नये भारत के लिए कई मायनों में खास है, क्योंकि इन तीन दिनों में भारत के सेमिकंडक्टर मिशन को नई उड़ान मिलने वाली है. सेमिकॉन 2025 में सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम पर चर्चा होगी.
Semicon India 2025 : देश को मिला भारत में बना पहला चिप
इस कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि भारत इस साल से अपने देश में मेड इन इंडिया कमर्शियल चिप का प्रोडक्शन शुरु कर रहा है. इसका प्रोडक्शन टेकसिटी बेंगलुरु और नोयडा में होगा.
दरअसल जैसे जैसे दुनिया ऑटोमेशन की तरफ बढ़ रही है, वैसे-वैसे पूरी दुनिया में प्रोसेसर और चिप की मांग बढ़ रही है. दुनिया के बड़े देश जैसे अमेरिका और चीन इस क्षेत्र में अपनी धाक रखते हैं. ऐसे में भारत अब इसका कमर्शियल प्रोडकेशन करके विश्व बाजार में नई धमक पैदा करने जा रहा है. पीएम मोदी ने अपने उद्धाटन भाषण में कहा कि इस समय की दुनिया में सेमीकंडक्टर असल में डिजिटल डायमंड है.
सेमिकंटक्टर चिप क्या है ?
एक तरह से देखा जाये तो सेमीकंडक्टर यानी चिप आज के दौर में अत्याधुनिक मशीनों का दिल है. आज के समय में मानव जीवन की अधिकतर चीजें ऑटोमेटेड मशीनों पर निर्भर हो गई है. ऐसे में आधुनिक मशीनों की आपूर्ति के लिए सेमिकंटक्टर यानी चिप के इकोसिस्टम को हथियाने की जंग दुनिया भर में चल रही है. जानकारों के मुताबिक अमेरिका और चीन के बीच तनाव के असल वजह भी यही है, लेकिन अब भारत ने इस क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है.
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पीएम मोदी को सौंपी मेड इन इंडिया चिप
सेमिकॉन-2025 के उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पीएम मोदी को भारत में बना पहला सेमिकंडक्टर यानी चिप भेंट किया. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने पीएम मोदी को विक्रम 32-बिट प्रोसेसर और चार मंजूर परियोजनाओं के टेस्ट चिप्स भी भेंट किये.
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े भारत के कदम
सेमिकंडक्टर का प्रयोग आज के अत्याधुनिक समय में जीवन के हर क्षेत्र में हो रहा है. हेल्थकेयर से लेकर ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन, डिफेंस और स्पेस रिसर्च जैसे सिस्टम्स सेमिकंटक्टर्स पर आधारित मशीनों पर ही निर्भर हैं.इस समय चिप्स का सबसे अधिक निर्माण अमेरिका और चीन में हो रहा है. इसलिए दोनों इस के इकोसिस्टम पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश में लगे हुए हैं. आज के समय में दुनिया में आत्मनिर्भर होने के लिए सेमीकंडक्टर्स पर नियंत्रण जरुरी है.
अब भारत भी इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. सेमिकॉन 2025 के उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने बताया कि देश में 2021 से अब तक 10 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है औऱ इसपर अब तक 18 अरब डॉलर का निवेश किया जा रहा है.
आइटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कुछ साल पहले इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन शुरु किया गया था और इस क्षेत्र में भारत ने केवल साढे तीन साल में इतनी तरक्की की है कि दुनिय अब विश्वास से भारत की तरफ देख रही है. बेंगलुरु नोयडा समेत पांच जगहों पर सेमीकंडक्टर यूनिट्स का निर्माण तेजी से चल रहा है.

