Sanjeev Jeeva Murder Case का खुलेगा राज,पुलिस को विजय यादव की 3 दिन की रिमांड मिली

लखनऊ  कोर्ट में पेशी के दौरान गैंगस्टर संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या (Sanjeev Jeeva Murder Case) के आरोपी विजय यादव को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप गया है. पुलिस ने अदालत से विजय यादव के लिए 5 दिन की रिमांड मांगी थी. सीजेएम हरिकेश पांडे ने 15 जून, सुबह 10:00 बजे से 17 जून शाम 5:00 बजे तक के लिए विजय यादव की रिमांड पुलिस को सौंपी.

हत्या की सुपरी किसने और क्यों दी ?

संजीव जीवा की हत्या (Sanjeev Jeeva Murder Case) मामले में अब तक जो बात सामने आई है उसके मुताबिक  विजय यादव को संजीव जीवा को मारने के लिए 20 लाख की सुपारी दी गई .साथ में हथियार भी मुहैय्या कराया गया था,लेकिन ये अभी तक साफ नहीं हुआ है कि विजय यादव ने किसके इशारे पर ये काम किया,हत्या की सुपारी किसने दी.

 मुख्तार अंसारी का करीबी था संजीव जीवा

दरअसल संजीव जीवा गैंगस्टर टर्न पोलिटिशियन मुख्तार अंसारी का काफी करीबी माना जाता था. विजय यादव ने प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस का बताया था कि उसे काठमांडु से हत्या की सुपारी मिली थी.अब तीन दिन की रिमांड में पुलिस ये जानने की कोशिश करेगी कि विजय यादव को ट्रिगर दबाने का आदेश कहां से और किसने दिया था ?

पुलिस ने आज कोर्ट में जो रिमाइंड पत्र डाला उसमें काठमांडु से 20 लाख में हत्या की सुपारी का जिक्र है. पुलिस ने अपने रिमांड पत्र में आरोपी विजय यादव के नेपाल के एक होटल में काम करने और लखनऊ आकर वकील की वेशभूषा धारण करने का भी जिक्र किया है.

असलम कौन है और हत्या का मकसद क्या है?

जीवा की हत्या के बाद गिरप्तार विजय यादव ने पुलिस के सामने कबूला कि उसे असलम नाम के  व्यक्ति से असलहा और 20 लाख की सुपारी मिली थी .पुलिस अब रिमांड के दौरान पता लगायेगी कि असलम कौन है, और हत्या के पीछे उसका मकसद क्या है?

लगातार झूठ बोल रहा है विजय यादव – पुलिस

हत्या के बाद जब विजय यादव की गिरफ्तारी हुई और पुलिस ने पूछताछ की तो उसने आतिफ के भाई की हत्या का बदला लेने की बात कही . विजय यादव ने पुलिस क बताया था  कि असलम ने उसे बदला लेने के लिए सुपारी दी थी. लेकिन  पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि  वहां आतिफ नाम के चार शख्स की पहचान हुई उनमें से किसी के भाई के नाम असलम नहीं है. जीवा के समय मे कई और आतीफ उशके आसपास नहीं था. पुलिस का मानना है कि विजय यादव जितनी आसानी से बता रहे है वो सही नहीं है. वो लगातार पुलिस को उलझाने की कोशिश कर रहा है. घायल होने के बावजूद लगतार झूठ बोल रहा है. उसकी कई बातें जांच के दौरान  झूठी पाई गई है. जांच के लिए पुलिस की एक टीम काठमांडू भी गई .फिलहाल विजय यादव द्वारा दी गई कोई जानकारी सही साबित नहीं हुई है.अब पुलिस रिमांड के दौरान सही जानकारी निकालने की कोशिश करेगी.

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