SC Delhi Protest hearing: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए

SC Delhi Protest hearing:सुप्रीम कोर्ट ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई शुरू कर दी है. इस सुनवाई में राहुल गांधी और विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार समेत सभी याचिकाओं पर भी भी सुनवाई हो रही है.

केंद्र और दिल्ली पुलिस ने SC को बताया कि जंतर-मंतर को डीनोटिफाई करना कोर्ट के आदेश पर आधारित नहीं है

केंद्र और दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जंतर-मंतर को विरोध स्थल के तौर पर डीनोटिफाई करने का फैसला कोर्ट के 9 अक्टूबर के उस ऑब्जर्वेशन की वजह से नहीं लिया गया था जिसमें प्रदर्शनों के लिए दूसरी जगहों की पहचान करने की ज़रूरत बताई गई थी, बल्कि यह केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बहुत पहले बनाई गई एक कमेटी की सिफारिशों के बाद लिया गया था.
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने डीनोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली एक याचिका पर अधिकारियों को नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि वह इस बात की जांच करेगी कि यह फैसला मुख्य रूप से कोर्ट के ऑब्जर्वेशन के आधार पर लिया गया था या यह साइट की सूटेबिलिटी के एक इंडिपेंडेंट असेसमेंट पर आधारित था.
सेंटर की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से बेंच ने कहा, “हम नोटिस जारी कर रहे हैं और हम इस बात की जांच करेंगे कि यह मुख्य रूप से मौखिक आश्वासन के कारण किया गया था या जगह की सूटेबिलिटी के संबंध में कुछ सोच-विचार किया गया था.”

SC ने कहा कि दिल्ली पुलिस वाले पर सेक्शुअल असॉल्ट का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार के खिलाफ कोई ज़बरदस्ती कार्रवाई नहीं होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को एक महिला पत्रकार के खिलाफ कोई ज़बरदस्ती कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है, जिसकी छेड़छाड़ की शिकायत पर विचार किया जा रहा है.
यह मामला दिल्ली के ACP विवेक भगत द्वारा जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार पर कथित हमले से जुड़ा है. घटना के 11 दिन बाद भी, इस मामले में अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है.
हालांकि, SC का आदेश पुलिस द्वारा भगत की शिकायत के आधार पर महिला पत्रकार के खिलाफ FIR दर्ज करने के बाद आया है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पत्रकार और उसके साथियों ने प्रोटेस्ट के दौरान उसे “सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया और जातिवादी गालियां दीं.”

दिल्ली पुलिस वाले द्वारा जंतर-मंतर पर महिला पत्रकार के साथ मारपीट के मामले में याचिका पर सुनवाई हुई

सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह ने दिल्ली पुलिस वाले द्वारा जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार के साथ यौन उत्पीड़न का मामला उठाया है.
जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, “मैं कोर्ट को पुलिस ऑफिसर का नाम बताऊंगी. वह FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन गई थी. कोई FIR दर्ज नहीं हुई. अब यह आदमी क्या करे? वह दिल्ली हाई कोर्ट गया और एट्रोसिटीज एक्ट के तहत एक याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि उसने उसके खिलाफ जातिवादी टिप्पणी की. उस मामले पर सुनवाई हो चुकी है,” उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए एक आदेश मांगा कि शिकायत करने वाली किसी भी महिला पत्रकार के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए.
यह मामला इस महीने की शुरुआत में जंतर-मंतर पर एक प्रोटेस्ट के दौरान एक महिला पत्रकार के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है. पत्रकार ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) विवेक भगत पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि, आज तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और दूसरों को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने कथित SIR गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के खिलाफ याचिका पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और दूसरों को भी नोटिस जारी किया है.

कांग्रेस MP राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया और भारत के चुनाव आयोग की चल रही SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली अपनी याचिका पेश की.

SC ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़े CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश दिया

विरोध के मामलों में, सुप्रीम कोर्ट ने सभी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को विरोध से जुड़ी घटनाओं के सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने और जमा करने का निर्देश दिया है, क्योंकि कई वकीलों ने ऐसा करने की मांग की थी.

SIR को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका पर EC को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं की याचिका पर इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) और अन्य को नोटिस जारी किया है. इस याचिका में पोल पैनल के वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और कथित वोटर डिलीट को चुनौती दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने गांधी और अन्य की याचिका पर ECI, CEC ज्ञानेश कुमार, इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी से जवाब मांगा है.

SC Delhi Protest hearing: जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई करने पर दिल्ली सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें दिल्ली पुलिस के जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट बनाने के डी-नोटिफाई करने को चुनौती दी गई है.

SG मेहता ने कोर्ट के आदेशों की अवमानना के लिए अधिकारियों के माफी मांगने से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स पर आपत्ति जताई.

SC दिल्ली विरोध सुनवाई केंद्र की ओर से पेश SG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि अधिकारियों द्वारा टॉप कोर्ट के सामने मांगी गई माफी सिर्फ उसी तरीके से है जिस तरह से अवमानना की कार्रवाई होती है.
SG ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर आपत्ति जताई है जिनकी हेडलाइन में कहा गया है कि अधिकारियों ने कोर्ट के आदेशों की अवमानना के लिए माफी मांगी है.
SC ने कहा, “हम बिना शर्त माफी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. आपके सबमिशन के कारण, यह क्वालिफाइड हो जाएगी.”

दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में ‘बिना शर्त माफ़ी’ मांगी

इस बीच बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के दौरान पाबंदियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में “बिना शर्त माफ़ी” मांगी है.
इससे एक दिन पहले यूनियन होम सेक्रेटरी गोविंद मोहन के भी माफ़ी मांगी थी.

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