Friday, January 16, 2026

तालीबान सरकार को मान्यता देने वाला रुस बना पहला देश,राजदूत ने पुतिन को सौंपे अपने क्रेडेंशियल्स

Russia’s recognition of Taliban : 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता को नेस्तनाबूद कर वहां कब्जा जमाने वाली तालिबानी गुट के द्वारा बनाई गई सरकार को अब रुस ने बतौर राष्ट्र मान्यता दी है. इसके साथ ही रुस तालिबान सरकार (इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान) को औपचारिक मान्यता देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है.रुस ने तालिबान की सरकार को ये मान्यता 3 जुलाई 2025 को ही दे दिया था लेकिन अब इसकी औपचारिकता पूरी हुई है.

तालिबान को मान्यता देने से पहले रुस ने तालिबान को अपने देश के आतंकवादियो की लिस्ट से हटाया. रुस में तालिबान एक आतंकी संगठन के तौर पर 2003 से लिस्ट था, लेकिन अप्रैल 2025 में रूस की सुप्रीम कोर्ट ने तालिबान को आतंकवादी संगठनों की सूची से हटा दिया था.

 Russia’s recognition of Taliban : तालिबान ने सौंपे अपने क्रेडेंसियल्स

अब तालिबान के राजदूत मालवानी गुल हसन हसन (Mawlawi Gul Hassan Hassan ) ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अपने क्रेडेंशियल्स (परिचय पत्र) सौंपे हैं. इसके लिए रुस के आधिकारिक राजभवन क्रेमलिन में एक समारोह का आयोजन किया गया . इस समारोह के बाद रुस में मौजूद अफगानी दूतावास पर से पहले वाला पहले वाला तिरंगा हटा कर नये तालिबान का सफेद-काला झंडा फहराया गया.

 

Afghan embassy flies Taliban flag.
Afghan embassy flies Taliban flag.

रुस ने उठाया बहादुरी भरा कदम–अमीर खान मुत्तकी ,विदेश मंत्री,तालिबानी

तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने इसे रुस की “बहादुरी भरा कदम” बताया और उम्मीद जताई कि अन्य देश भी ऐसा करेंगे. उन्होंने कहा कि इससे “सकारात्मक संबंधों की नई शुरुआत” होगी.

तालिबान को अब तक दुनिया के देशों ने मानवाधिकार विरोधी गतिविधियो , महिलाओ के साथ अत्याचार जैसे मुद्दे के वजह से अलग-थलग रखा था. पश्चिम के देशों जैसे अमेरिका और यूरोप के देशों ने महिलाओं के अधिकारों जैसे लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध, जेंडर अपार्थीड जैसी नीतियां के कारण इस सरकार को अलग-थलग रखा हुआ है.

एशिया के देशों में चीन, पाकिस्तान, ईरान, उज्बेकिस्तान जैसे कुछ देशों के तालिबान सरकार के साथ व्यवहारिक संबंध बनाए हैं. न देशो में तालिबान के दूता वास तो हैं लेकिन इन्होने भी परी तरह से मान्यता नहीं दी है.

ये भी पढ़े: – बीजेपी के नए अध्यक्ष के घोषणा की तारीख का हुआ एलान, 19 जनवरी को…

तालिबान सरकार को रुस ने क्यों दी मान्यता

रुस का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा खासकर ISIS-K से लड़ाई में तालिबान एक बड़ा सहयोगी है. इसके साथ ही मध्य एशिया में प्रभाव बढ़ाने, व्यापार, ऊर्जा (गैस पाइपलाइन, दुर्लभ खनिज) जैसे क्षेत्रों मे साझेदारी करके आर्थिक सहयोग बढाया जा सकता है. दोनों देशो के बीच कभी राजनैयिक संबंध खराबनहीं हुए. सरकार 2021 में सरकार बदलने के बाद भी रूस ने वहां अपने दूतावास बंद नहीं बंद किये और पहले की ही तरह व्यावहारिक संपर्क बनाए रखा था.

Latest news

Related news