Friday, February 13, 2026

पैदल ईडी दफ्तर पहुंचे Robert Vadra, राजनीति में शामिल होने की इच्छा जताने के एक दिन बाद किए गए तलब

मंगलवार को व्यवसायी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा Robert Vadra भूमि सौदे से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में थे.
यह सम्मन रॉबर्ट वाड्रा द्वारा राजनीति में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करने के एक दिन बाद आया है. उन्होंने कहा था कि यदि कांग्रेस पार्टी को लगता है कि उन्हें यह कदम उठाना चाहिए तो वह अपने परिवार के आशीर्वाद से ऐसा करेंगे.

ईडी का समन मिलने के बाद रॉबर्ड वाड्रा ने अपने घर से ईडी दफ्तर जाने के लिए किसी गाड़ी का उपयोग नहीं किया. वो कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पैदल ही ईडी दफ्तर पहुंचे.

गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में एक जमीन सौदे का है मामला

मामले से परिचित लोगों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा के गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में एक जमीन सौदे के सिलसिले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद को तलब किया है. अधिकारियों ने बताया कि यह पहली बार है जब रॉबर्ट वाड्रा को इस मामले में बुलाया गया है, जो 2018 में हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) से उपजा है. ईडी ने बाद में एफआईआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की.
मंगलवार को ईडी कार्यालय में मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में “आज कोई निष्कर्ष निकलेगा” जिसमें “कुछ भी नहीं है.”

‘लोग मुझे प्यार करते हैं’- Robert Vadra

रॉबर्ट वाड्रा ने इस समन को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा किया गया “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया और सुझाव दिया कि यह उन्हें राजनीति में प्रवेश करने से रोकने के लिए किया गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने मंगलवार को रॉबर्ट वाड्रा के हवाले से कहा, “हमने ईडी को बताया कि हम अपने दस्तावेज तैयार कर रहे हैं, मैं हमेशा यहां आने के लिए तैयार हूं… मुझे उम्मीद है कि आज कोई निष्कर्ष निकलेगा. मामले में कुछ भी नहीं है… जब मैं देश के पक्ष में बोलता हूं, तो मुझे रोका जाता है, राहुल को संसद में बोलने से रोका जाता है. भाजपा ऐसा कर रही है. यह एक राजनीतिक प्रतिशोध है. लोग मुझे प्यार करते हैं और चाहते हैं कि मैं राजनीति में शामिल हो जाऊं…”

वाड्रा ने कहा, “जब मैं राजनीति में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करता हूं, तो वे मुझे नीचा दिखाने और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पुराने मुद्दे उठाते हैं…इस मामले में कुछ भी नहीं है. पिछले 20 वर्षों में मुझे 15 बार बुलाया गया और हर बार 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई. 23,000 दस्तावेजों को व्यवस्थित करना आसान नहीं है.”
यह मामला फरवरी 2008 में हुए एक ज़मीन के लेन-देन से जुड़ा है, जब वाड्रा की फ़र्म स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने शिकोहपुर में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज़ से 7.5 करोड़ रुपये में 3.5 एकड़ का प्लॉट खरीदा था. आरोप है कि ज़मीन का म्यूटेशन सिर्फ़ 25 घंटे के भीतर पूरा कर लिया गया.
हिंदुस्तान टाइम्स ने दिसंबर 2023 में सबसे पहले एक अलग मामले में भगोड़े हथियार डीलर संजय भंडारी और ब्रिटिश नागरिक सुमित चड्ढा के खिलाफ़ एक महीने पहले दायर चार्जशीट के बारे में रिपोर्ट की थी. उस समय, ईडी ने दावा किया था कि रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली स्थित एक रियल एस्टेट एजेंट के ज़रिए हरियाणा में कई एकड़ ज़मीन हासिल की थी, जिसने एनआरआई व्यवसायी सीसी थम्पी को भी ज़मीन बेची थी.

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