कांग्रेस नेता राहुल गांधी Rahul Gandhi ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुई दर्दनाक हादसे में एक टेक कर्मचारी की मौत की निंदा की और इसके लिए “पैसे, टेक्नोलॉजी या समाधान की कमी” के बजाय “जवाबदेही की कमी” को ज़िम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि भारत में “सड़कें, पानी, प्रदूषण और लापरवाही लोगों की जान ले रही हैं”.
नोएडा के सेक्टर 150 में एक नाले के पास बन रहे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे, पानी भरे गड्ढे में शनिवार तड़के 27 साल के युवराज मेहता की कार घने कोहरे में फिसल गई. नाले की बाउंड्री तोड़कर गड्ढे में गिर कार के डूब जाने से उनकी मौत हो गई.
Rahul Gandhi ने अपनी पोस्ट में किसे जिम्मेदार ठहराया
X पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा, “सड़कें मारती हैं, पुल मारते हैं, आग मारती है, पानी मारता है, प्रदूषण मारता है, भ्रष्टाचार मारता है, लापरवाही मारती है.”
विपक्ष के नेता ने X पर एक पोस्ट में कहा, “भारत में शहरों का पतन पैसे, टेक्नोलॉजी या समाधान की कमी के कारण नहीं है. यह जवाबदेही की कमी के कारण है. TINA: कोई जवाबदेही नहीं है.”
गांधी ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो शेयर किया जिसमें एक चश्मदीद की बातें थीं, जिसने कहा कि समय पर कार्रवाई से उस आदमी की जान बचाई जा सकती थी, और मृतक के पिता की बातें भी थीं, जिन्होंने याद किया कि वहाँ कई लोग थे, जिनमें से कुछ वीडियो बना रहे थे लेकिन उनके बेटे को बचाने के लिए कुछ नहीं किया.
Roads kill
Bridges kill
Fires kill
Water kills
Pollution kills
Corruption kills
Indifference killsIndia’s urban collapse isn’t about lack of money, technology, or solutions.
It’s about lack of accountability.
TINA : There Is No Accountability. pic.twitter.com/68d1JgNw5z
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 20, 2026
योगी सरकार ने जांच के लिए 3 सदस्य SIT का किया गठन
हलांकि इस हादसे के सुर्खियां बटोरने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया था.
SIT की अध्यक्षता ADG (ज़ोन), मेरठ, भानु भास्कर कर रहे है. राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मेरठ के डिविज़नल कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग (मेरठ) के चीफ़ इंजीनियर अजय वर्मा को भी पैनल के सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इसे पांच दिनों के अंदर मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है.
टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में रहने वाले मेहता गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करते थे और देर रात घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ.
फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की लंबी खोजबीन के बाद उनका शव बरामद किया गया.
PTI न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि सोमवार को हुए पोस्टमार्टम में पता चला कि मेहता की मौत दम घुटने और फिर कार्डियक अरेस्ट से हुई. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उनकी नाक में मिट्टी और पानी भरा हुआ था, जिससे डूबने का संकेत मिलता है. दिन में बाद में हरिद्वार में उनके पिता राज कुमार मेहता और परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया.

