Tuesday, January 27, 2026

नफरत रातों रात पैदा नहीं होती…देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या पर बोले राहुल गांधी

Anjel Chakma Tripura : देहरादून में त्रिपुरा के 24 साल के छात्र एंजेल चकमा की मौत ने एक बार फिर से भारत में फैलाई जा रही नस्लभेदी नफरती भावना के जहर को उजागर कर दिया है. अपने ही देश के अलग-अलग प्रांतों के रहने वाले लोगों के लिए किस तरह से नफरत की भावना फैलाकर युवाओं के अंदर जहर घोला जा रहा है, इसका बड़ा उदाहरण देहरादून में देखने के लिए मिला,जब 17 दिनों तक जिंदगी के लिए मौत से लड़ते हुए एंजेल ने आखिरकार दम तोड़ दिया.

Anjel Chakma Tripura:नार्थइस्ट के छात्र को चीनी बोल कर किया हमला   

त्रिपुरा के रहने वाली 24 साल का एंजेल चकमा एमबीए का छात्र था. छात्रों के बीच कैंटीन में लड़ाई हुई जिसमें उसके चेहरे को लेकर हमलावरों ने नस्लभेदी बाते कहीं फिर उसपर हमला कर दिया. हमलावर ने उस पर चाकुओं से वार किया . गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. एंजेल ने 17 दिनों तक जिंदगी के लिए जंग लड़ी लेकिन आखिरकार वो हर गया और उसकी मौत हो गई. इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दिया है क्योंकि ये कोई साधारण मौत नहीं बल्कि एक सुनियोजित नफरती एजेंडे का परिणाम है, जो आज के युवाओं में फैलाया जा रहा है. कभी धर्म के नाम पर तो कभी जाति और नस्ल के नाम पर.

 ये भयानक और घृणित अपराध है – राहुल गांधी

इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखा है.राहुल गाधी ने लिखा है कि “हमें एक ऐसा मृत समाज नहीं बनना चाहिए, जो देशवासियों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद ले. इस तरह की घटनाएं नफरत का नतीजा है. जो रोजाना युवाओं के बीच परोसी जा रही हैं.”

“देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह एक भयानक घृणा अपराध है. नफरत रातोंरात पैदा नहीं होती. इसे रोजाना, विशेष रूप से हमारे युवाओं को, जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदाराना विमर्श के माध्यम से परोसा जा रहा है. सत्तारूढ़ BJP के नफरत फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा इसे सामान्य बना दिया गया है.”

राहुल गांधी ने आगे लिखा है कि – “भारत सम्मान और एकता पर बना है, न कि भय और दुर्व्यवहार पर. हम प्रेम और विविधता वाला देश हैं. हमें एक मृत समाज नहीं बनना चाहिए जो साथी भारतीय नागरिकों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद ले. हमें आत्मचिंतन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि हम अपने देश को किस ओर जाने दे रहे हैं.”

राहुल गांधी ने लिखा है कि  “मेरी संवेदनाएं चकमा परिवार और त्रिपुरा तथा उत्तर पूर्व के लोगों के साथ हैं. हमें आपको अपने भारतीय भाई-बहन कहने पर गर्व है.”

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की एंजेल के पिता से बात

उत्तराखंड के सेलाकुई इलाके में हुई इस हत्याकांड को लेकर को लेकर सियासत गरमा गई है. चौतरफा अलोचना के बाद सोमवार को पुष्कर सिंह धामी ने कैमरे के सामने मृतक छात्र के पिता से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि गुनाहगारों के बक्शा नहीं जायेगा. सीएम धामी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए राज्य सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया. सीएम ने कहा कि ये एक दुखद घटना थी. इससे सब लोग दुखी हैं, हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे. सीएम धामी ने कहा कि अपराधियो को पकड़ लिया गया है और एक नागरिक जो नेपाल का था और फरार है ,  उसे भी वापस लाने की कोशिश की जा रही है.

9 दिसंबर को चमका और उसके भाई के साथ  क्या हुआ था ?

इसी महीने की 9 तारीख  की शाम को एंजेल अपने छोटे भाई माइकल चकमा (21 वर्ष) के सेलाकुई  इलाके में खरीददारी के लिए कैंटीन गये थे. जब वो बाजार पहुंचे तो वहां पहले से कुछ स्थानीय युवक शराब के नशे में मौजूद थे. एंजेल और उनके छोटे भाई माइकल को उन लोगों ने नस्लीय गालियां दीं, उन्हें   “चिंकी”, “चीनी”, “मोमो” जैसे शब्द बोलकर चिढ़ाया.जब एंजेल और माइकल ने इसका विरोध किया और कहा कि “हम भारतीय हैं, चीनी नहीं”, तो विवाद बढ़ गया. आरोपियों ने एंजेल पर चाकूओं और कड़े (bracelet) से हमला कर दिया. एंजेल को सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, वहीं उनके छोटे भाईको भी चोट लगी लेकिन वो इतनी गंभर नहीं ती जिसनी एंजेल को लगी.एंजेल को ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 दिनों तक इलाज के दौरान 26 दिसंबर 2025 को उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्रेन में ब्लीडिंग और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट बताया गया है.

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