Rahul Gandhi Balaghat Visit : भोपाल/बालाघाट: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 1 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के बालाघाट का दौरा करेंगे.उनका यह दौरा प्रदेश में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के मामले के बीच हो रहा है. राहुल गांधी ने इससे पहले इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार को घेरते हुए सवाल उठाए थे कि बच्चों की मौतें होती रहीं और सरकार सोती रही.
Rahul Gandhi Balaghat Visit:पीड़ित परिवारों से मिलेंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट जिले के बैहर और बिरसा क्षेत्र में प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात करेंगे. इन इलाकों में बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत का मामला सामने आया है. रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी पीड़ित परिवारों से बातचीत कर जमीनी हालात का जायजा लेंगे.
राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर इस मामले को उठाते हुए कहा था कि बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत हुई. उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मौतें होती रहीं,लेकिन सरकार सोती रही.
30 से ज्यादा बच्चों की मौत का मामला क्या है?
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर और बिरसा क्षेत्र में बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत की खबरें सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया. शुरुआती रिपोर्टों में मलेरिया, खसरा और कुपोषण जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया. इसके साथ ही प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ पानी और समय पर इलाज की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठे.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में बच्चों की मौतों के साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई थी. स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित गांवों में सर्वे और उपचार की कार्रवाई की. हालांकि, सभी मौतों के कारणों को एक ही बीमारी से जोड़कर देखना सही नहीं होगा. उपलब्ध रिपोर्टों में मलेरिया, खसरा, एनीमिया, कुपोषण और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं जैसे कई कारकों का उल्लेख किया गया है.
राहुल गांधी ने मोहन यादव सरकार पर साधा था निशाना
बालाघाट में बच्चों की मौत का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा था.उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित करते हुए कहा था कि राज्य की जमीनी स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है.
राहुल गांधी ने अपने बयान में बीमारी, पोषण, साफ पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का उल्लेख किया था. उन्होंने बच्चों की मौतों को लेकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल जांच, उपचार और राहत की जरूरत बताई थी.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया था प्रभावित क्षेत्र का दौरा
बालाघाट में बच्चों की मौत के मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था. रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मृतक बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी. प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जांच और उपचार की कार्रवाई भी की.
हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि दूरस्थ आदिवासी इलाकों में बच्चों को समय पर इलाज, पर्याप्त पोषण और सुरक्षित पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं किस हद तक उपलब्ध हैं। राहुल गांधी के दौरे के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी ले चुका है मामले का संज्ञान
बालाघाट में बच्चों की मौत का मामला न्यायिक स्तर पर भी पहुंच चुका है.मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और बालाघाट के कलेक्टर समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.
याचिका से संबंधित रिपोर्टों में प्रभावित इलाकों में साफ पानी, पोषण आहार और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाए गए थे. अदालत की कार्रवाई के बाद यह मामला केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी विभागों की जवाबदेही और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी केंद्र में आ गए.
अदालत में उठाए गए आरोपों और संबंधित विभागों के जवाब के आधार पर ही मामले के विभिन्न पहलुओं का न्यायिक आकलन किया जाएगा.
13 दिन में दूसरी बार मध्य प्रदेश पहुंचेंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी का 1 अक्टूबर का बालाघाट दौरा 19 सितंबर को इंदौर में हुए उनके कार्यक्रम के 12 दिन बाद होगा. इंदौर में राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे. वहां उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया और प्रदेश में शिक्षा तथा स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए थे. इसके बाद बालाघाट के आदिवासी बच्चों की मौत का मामला उनके राजनीतिक कार्यक्रमों में प्रमुखता से सामने आया.
आदिवासी स्वास्थ्य और सरकारी जवाबदेही पर रहेगी नजर
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के दौरान प्रभावित परिवारों से बातचीत, स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति और सरकारी राहत कार्यों से जुड़े मुद्दे अहम रहेंगे. इस दौरे से कांग्रेस को आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर राज्य सरकार से सवाल करने का अवसर मिलेगा.
वहीं, प्रभावित परिवारों के लिए जरूरी है कि उन्हें समय पर उपचार, पोषण, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। बच्चों की मौत के कारणों की स्पष्ट जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना भी इस मामले का महत्वपूर्ण पहलू है.

