Saturday, August 30, 2025

देश जानना चाहता है कि पहलगाम में हमला क्यों हुआ, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा ? – प्रियंका गांधी

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Priyanka Gandhi : लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने देश के गृहमंत्री से सवाल किया कि अगर पहलगाम में आतंकियों ने मासूम पर्यटकों को अपना निशाना बनाया तो , इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी ?  प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी खुफिया सुरक्षा एजेंसी आईबी गृहमंत्रालय के अधीन काम करती है. क्या ये गृहमंत्रालय की जिम्मदारी नहीं थी कि वो आईबी से सवाल करते. प्रियंका गांधी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि बैसरन में जो पर्यटक गये थे वो सरकार के भरोसे पर गये थे, फिर वहां उनकी सुरक्षा के लिए कोई क्यों नहीं था ?

Priyanka Gandhi- देश खोखले भाषण नहीं सुनना चाहता है

प्रियंका गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार केवल श्रेय लेने के लिए काम करती है. सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में पराक्रम दिखाया..पाकिस्तान को उनकी हैसियत दिखा दी,फिर चलते हुए युद्ध को बिना किसी नतीजे के क्यों रोक दिया गया. जब ऑपरेशन सिंदूर शुरु हुआ तो सभी राजनीतिक पार्टियों ने सरकार का साथ दिया, अगर आगे ऐसा होता है तब भी सब साथ देंगे, फिर ऑपरेशन सिंदूर क्यों रुका और रुका भी तो इसे रोकने की घोषणा भारत की सरकार या सेना ने क्यों नहीं की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे रोकने की घोषणा क्यों की ? प्रियंका गांधी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का श्रेय सेना को देने की जगह प्रधानमंत्री ले रहे हैं. ये देश केवल खोखले भाषण नहीं सुनना चाहता है, बल्कि ठोस चाहता है.

आप मेरी मां के आंसुओं तक चले गये…..

प्रियंका गांधी ने कहा कि जब यहां आतंकवाद की बात हुई तो सत्ता पक्ष उनके परिवार और यहां तक की उनकी मां (सोनिया गांधी) के आंसुओं तक चले गये . ये किसी ने नहीं सोचा कि जब उनके पति आतंकी घटना में शहीद हो गये थे तो उस समय वो केवल 44 साल की थी. आतंकवाद से पीडित परिवार का दर्द मैं जानती हूं. प्रियंका गाँधी ने कहा कि संसद में बैठे हर व्यक्ति के पास सुरक्षा है, लेकिन क्या पहलगाम जाने वाले पर्यटकों के पास कोई सुरक्षा थी , अगर नहीं थी तो क्यों नहीं थी ?

मैं इतिहास नहीं, वर्तमान की बात करती हूं….

प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में कहा कि जब देश में आंतकवादी घटनाओं की बात होती है, तो 2008 के मुंबई हमले की बात हुई. कहा गया कि मनमोहन सिंह की सरकार में एक्शन नहीं लिया गया लेकिन ये सच नहीं है. मुंबई में हमला करने वालों को हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने वहीं मार गिराया था, एक जो बच गया उसे 2012 में फांसी दे दी गई. आप इतिहास की बात करते हैं, मैं वर्तमान की बात करना चाहती हूं.

 टीआरएफ को आतंकी संगठन का दर्ज कब मिला?

प्रियंका गांधी ने गिनाया कि भारत में 2019 से टीआरएफ की मौजूदगी के बारे में सरकार को जानकारी है. 2019 में ये गुट बना, 2020 में इसने भारत में आतंकवाद का काम शुरु कर दिया. 2020 से लेकर 22 अप्रैल 2025 तक इन्होंने जम्मू कश्मीर में  25 आतंकवादी हमले किये. इस गुट ने केवल पांच साल में कश्मीर में 25 हमले किये, जिसमें रियासी का हमला भी शामिल है, जिसमें 9 लोग मारे गये थे.

2020 से लेकर 22 अप्रैल 2025 तक इस आतंकी संगठन टीआरएफ ने  सेना और सुरक्षा बलों के 41 लोगों की हत्या की, 27 सिविलियन्स को मार डाला और 54 लोगों को घायल किया. भारत सरकार को 2020 से इस संगठन के बारे में जानकारी थी लेकिन इसे हमारी सरकार ने आतंकवादी संगठन की दर्जा दिया 2023 में ….यानी तीन साल के बाद .प्रियंका गांधी ने गृहमंत्री से पूछा कि आखिर इसकी क्या वजह थी कि जो आतंकी संगठन 2020 से आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहे थे, उन्हें 2023 में आंतकी संगठन घोषित किया गया. प्रियंका गांधी ने पहलगाम आतंकी घटना समेत जम्मू- कश्मीर में 2020 से लेकर अब तक हुए आतंकी हमलों को सरकार की विफलता करार दिया.

सुनिये प्रियंका गांधी ने लोकसभा में अपने 28 मिनट के भाषण में क्या-क्या कहा

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