Wednesday, March 4, 2026

Delhi Odd-Even Rule: प्रदूषण पर रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई नई कार्ययोजना

Delhi Odd-Even Rule: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के लिए शीतकालीन कार्य योजना की जानकारी देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मंत्री ने बताया की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का लक्ष्य शहर में वायु प्रदूषण को रोकना है. आप सरकार ने अगले कुछ महीनों के लिए 21-सूत्रीय कार्य योजना का बनाई है. जिसमें कार्यालयों के लिए घर से काम (WFH) और कृत्रिम बारिश जैसे आपातकालीन उपाय भी शामिल हैं.

‘मिलकर चलें, प्रदूषण से लड़ें’ थीम पर बनाई 21-सूत्रीय कार्ययोजना

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, “NCR के राज्यों में बढ़ने वाले प्रदूषण स्तर का प्रभाव दिल्ली पर पड़ता है. प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए केंद्र सरकार की भी ज़रूरत हमें पड़ती है. जब सभी एजेंसियां और सरकारें मिलकर काम करेंगी, तभी प्रभावी तरीके से प्रदूषण से लड़ा जा सकता है. इसीलिए हमारी सरकार ‘मिलकर चलें, प्रदूषण से लड़ें’ थीम पर चलकर हमारी सरकार विंटर एक्शन प्लान पर काम करेगी…हमारे सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि दिल्ली में लगातार प्रदूषण का स्तर कम हो रहा है…”

दिल्ली शीतकालीन कार्य योजना: प्रदूषण पर अंकुश लगाने के उपाय

आप सरकार प्रदूषण के मुख्य कारणों की पहचान करने के लिए हॉटस्पॉट में ड्रोन तैनात करेगी और उन क्षेत्रों में एंटी-स्मॉग गन तैनात करेगी, जिसकी आवृत्ति इस वर्ष बढ़ाई गई है. सरकार धूल-रोधी अभियान भी चलाएगी और पूरी दिल्ली में सड़क-सफाई मशीनें तैनात करेगी.

पटाखों पर प्रतिबंध जारी रहेगा

राय ने कहा, “इस साल भी पटाखों पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा और अधिसूचना जारी होने के बाद प्रतिबंध पूरी तरह लागू हो जाएगा. जीआरएपी (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) चरण लागू होंगे और खुले में कचरा जलाने पर नियंत्रण के लिए 588 टीमें बनाई गई हैं.”

वर्क फ्रॉम होम और ऑड-ईवन योजना शामिल

मंत्री ने आगे कहा कि उच्च प्रदूषण के कारण आपातकालीन स्थिति के मामले में, कार्यालयों के लिए घर से काम करने और निजी वाहनों के उपयोग में स्वैच्छिक कमी को प्रोत्साहित किया जाएगा. वाहनों के लिए ऑड-ईवन योजना को भी प्रदूषण के चरम मौसम के दौरान लागू किया जा सकता है. दिल्ली सरकार 1-15 नवंबर के बीच शहर के AQI को बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम बारिश की भी तैयारी कर रही है, जब दिवाली और पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ता है.
इसके साथ ही सरकार ने छह सदस्यों वाली एक विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है जो प्रदूषण के स्तर पर निगरानी रखेगी और जरूरत के मुताबिक कार्रवाई करेगी.

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