Tuesday, January 13, 2026

बिहार में फिर आंदोलन शुरु करेंगे प्रशांत किशोर, एक दिन के मौन व्रत के बाद किया बड़ा ऐलान

Prashant Kishor :  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को एक भी सीट पर सफलता नहीं मिली. साढ़े तीन साल तक राज्य के एक-एक जिले में पदयात्रा करने का बाद भी प्रशांत किशोर की पार्टी का प्रदर्शन बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीद से कोसों दूर रहा . इस हार की जिम्मेदारी खुद पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर ने अपने उपर लिया है लेकिन हार के बाद भी प्रशांत किशोर कहींं पीछे हटते नजर नहीं आ रहे हैं बल्कि उन्होंने ऐलान किया है कि वो अब बिहार की जनता के लिए और आगे बढ़कर काम करेंगे. जिन्होंने राज्य का चुनाव जीता है उनसे उनका वादा पूरा कराने का प्रयास करेंगे.

Prashant Kishor ने रखा 24 घंटे का मौन व्रत  

विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद प्रशांत किशोर तीन दिन तक मीडिया की सुर्खियों से दूर रहे, फिर लोगों को बताया कि वो आत्म चिंतन कर रहे हैं. इस बीच 20 नवंबर को प्रशांत किशोर पटना के भितिहरवा आश्रम पहुंचे और वहां जाकर 24 घंटे का मौन व्रत रखा. यही वो जगह है जहां से प्रशांत किशोर ने राज्य की सियासत में हिस्सेदारी के लिए राजनीतिक पार्टी का गठन किया था. बताया गया कि कि पीके ने ये मौनव्रत आत्मचिंतन के लिए रखा था. 24 घंटे के मौन व्रत के बाद पीके ने अपना उपवास एक बड़े ऐलान के साथ तोड़ा.

90%  चल-अचल संपत्ति जन सुराज के नाम किया  

भितिहरवा आश्रम से निकलते हुए आज शुक्रवार को पीके ने जब मौनव्रत तोड़ा तो जन सुराज पार्टी के हित में एक बड़ा ऐलान कर दिया.  पीके ने कहा कि एक बार फिर से वो गांधीजी की प्रेरणा से आंदोलन शुरू करेंगे. जनवरी 2026 से वे राज्य के सभी 1 लाख 18 हजार वार्ड में जाएंगे और ‘बिहार नवनिर्माण संकल्प अभियान’ के तहत लोगों से संवाद करेंगे. पीके की ये यात्र 15 जनवरी से शुरु होगी. पीके ने ऐलान किया है कि वो सरकार के द्वारा किए गए वादों को पूरा कराएंगे.

पीके ने अपना मौनव्रत तोड़ते हुए कहा कि आज से उनकी कुल कमाई का 90 प्रतिशत हिस्सा जनसुराज अभियान के नाम समर्पित रहेगा . इतना ही नहीं पिछले 20 वर्षों मे उन्होने जो कुछ अर्जित किया है,उसमें परिवार के घर को छोड़कर बाकी सब संपत्ति जन सुराज को समर्पित होगा. पीके ने कहा कि अभियान को पैसों की जरुरत होगी, इसलिए उन्होंने सभी जनसुराजियों से आग्रह है कि वो  हर साल कम से कम 1 हजार रुपया पार्टी को जरुर दान करें.

सीएम नीतीश कुमार पर सीधा हमला

प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बिहार और केंद्र की सरकार पर सीधा निशाना लगाते हुए कहा कि ‘सरकार ने चुनाव से ठीक पहले गरीब वोटरों को 10,000 देकर वोट खरीदा और 2 लाख रुपये देने का लोकलुभावन वादा कर जनता को भ्रमित किया. बिहार चुनाव में इस बार पैसे से वोट खरीदने का खुला खेल देखने के लिए मिला.’

पीके ने सीएम नीतीश कुमार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि “उन्हें अब ईमानदार मुख्यमंत्री समझना मुश्किल हो गया है, क्योंकि सरकार में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को मंत्री बनाया गया है.”

पीके ने संवाददाता आंदोलन में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम चुनाव भले हार गए हों, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. राजनीतिक यात्रा की शुरुआत जिस आश्रम से हुई थी, वहीं दोबारा लौटकर नए संकल्प के साथ उन्होंने घोषणा की कि जन सुराज आने वाले समय में बड़ी ताकत बनकर उभरेगा.

 

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