Dhami Cabinet Ganga Aarti हरिद्वार : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी पर मां गंगा की पूजा-अर्चना और आरती की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन के साथ देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की.

Dhami Cabinet Ganga Aarti : 7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने ली थी गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. इसके बाद उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में भी सरकार का नेतृत्व किया. गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सरकार प्रमुख के तौर पर उनके सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने मां गंगा से राष्ट्र की उन्नति, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि की कामना की.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे. सभी ने विधि-विधान से गंगा पूजन में हिस्सा लिया और आरती की.

गंगा तट पर मेला नियंत्रण भवन में हुई कैबिनेट बैठक
हरिद्वार में गंगा पूजन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ मेला नियंत्रण भवन में कैबिनेट बैठक की। गंगा तट पर स्थित इस भवन में बैठक का आयोजन प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मंत्रिमंडल की बैठकें कराने की सरकार की पहल को आगे बढ़ाने वाला कदम है.
इससे पहले चम्पावत जिले के बनबसा में भी कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी. उस बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे. अब हरिद्वार में मंत्रिमंडल की बैठक के जरिए सरकार ने जिलों में पहुंचकर शासन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश की है.

जिलों तक शासन पहुंचाने पर धामी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने पर जोर दे रही है. इसके पीछे स्थानीय विकास, क्षेत्रीय जरूरतों और जनहित से जुड़े विषयों को शासन स्तर पर प्राथमिकता देने का उद्देश्य बताया गया है.
सरकार का मानना है कि प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में बैठकें आयोजित करने से स्थानीय परिस्थितियों और विकास संबंधी आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है. इससे क्षेत्रीय मुद्दों को निर्णय प्रक्रिया में जगह देने और जनहित से जुड़े कामों को गति देने में मदद मिल सकती है.
चम्पावत के बनबसा के बाद हरिद्वार में कैबिनेट बैठक आयोजित करना इसी दिशा में एक और कदम है.अब बैठक में लिए गए निर्णयों और उनके क्रियान्वयन पर नजर रहेगी, क्योंकि स्थानीय स्तर पर विकास और जनकल्याण के लक्ष्यों को हासिल करने में फैसलों का जमीनी असर महत्वपूर्ण होगा.

