Delhi poisons Air: दिल्लीवासियों को पिछले कई हफ़्तों से ज़हरीली हवा का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में रविवार शाम को भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने ऐतिहासिक इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया. वहीं पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. पुलिस का कहना था कि वे बिना पूर्व अनुमति के इकट्ठा हुए थे.
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी है, जबकि सोशल मीडिया पर वीडियो में पुलिस लोगों को पुलिस वाहनों में भरती दिख रही है.
As Delhi chokes, Protestors detained & taken to Narela & Bawana on orders of the Delhi govt.
They destroy our lungs by their policies & firecrackers, shut down AQI monitors, install air purifiers in their homes & then detain peaceful protestors as they campaign in Bihar! pic.twitter.com/SHTKme1aMb— Prashant Bhushan (@pbhushan1) November 9, 2025
हाथ में संविधान, मुंह पर गैस मास्क पहने इंडिया गेट पहुंचे लोग
रविवार को गैस मास्क पहने, संविधान की प्रतियां लिए और बच्चों को गोद में लिए प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट पहुंचे. पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, जिस पर बड़ी संख्या में लोगों, राजनेताओं और पर्यावरण कार्यकर्ताओं सहित नागरिक समाज के सदस्यों ने नाराज़गी जताई.
आप ने 10 साल में जहरीली की दिल्ली की हवा- मनजिंदर सिंह सिरसा
प्रदर्शनकारियों के इंडिया गेट पर जबरदस्त प्रदर्शन के बाद, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पिछली आप सरकार ने “10 साल तक लगातार हवा को ज़हरीला बना दिया”. उन्होंने कहा कि सत्ता से बेदखल होने के बाद वे सात महीने पुरानी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठा रहे हैं.
सिरसा ने एक वीडियो संदेश में कहा, “मैं लोगों को बताना चाहता हूँ कि रेखा गुप्ता सरकार ने ऊँची इमारतों पर एंटी-स्मॉग गन लगाईं, पानी के छिड़काव से धूल कम करने का काम किया, हम सभी चल रहे निर्माण कार्यों पर नज़र रख रहे हैं, हम सार्वजनिक परिवहन के लिए केवल ई-बसों का इस्तेमाल सुनिश्चित कर रहे हैं, साथ ही ई-वाहनों का इस्तेमाल अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी के लिए भी किया जा रहा है, लेकिन 10 साल के नुकसान की भरपाई सिर्फ़ 7 महीनों में नहीं की जा सकती… वे बेईमान हैं, उन्होंने सिर्फ़ विज्ञापनों पर पैसा खर्च किया… हम स्थिति को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं…”
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की राजनेताओं और कार्यकर्ताओं ने निंदा की
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को निशाना बनाने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि “स्वच्छ हवा का अधिकार” एक मौलिक मानव अधिकार है
उन्होंने कहा, “स्वच्छ हवा का अधिकार एक बुनियादी मानव अधिकार है. शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार हमारे संविधान द्वारा सुनिश्चित किया गया है. शांतिपूर्ण तरीके से स्वच्छ हवा की मांग कर रहे नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है? वायु प्रदूषण करोड़ों भारतीयों को प्रभावित कर रहा है, हमारे बच्चों और हमारे देश के भविष्य को नुकसान पहुँचा रहा है.”
The right to clean air is a basic human right.
The right to peaceful protest is guaranteed by our Constitution.
Why are citizens who have been peacefully demanding clean air being treated like criminals?
Air pollution is affecting crores of Indians, harming our children and… https://t.co/ViPZiO16lT
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 9, 2025
वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने सरकारी एजेंसियों पर आंकड़ों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया.
उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, “जब कोई सरकार खुद आंकड़ों से छेड़छाड़ करती है, तो इससे विश्वास की कमी पैदा होती है – और इसीलिए आज बौद्धिक समुदाय सड़कों पर उतर आया है. यही चिंताजनक है. प्रदूषण पिछले 10 सालों से मौजूद है, लेकिन अब चिंताजनक बात यह है कि सरकार आंकड़ों में हेराफेरी कर रही है.”
‘बच्चे सांस नहीं लेते क्या’ वीडियो में दिखी पुलिस और लोगों की बहस
इंडिया गेट से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, और प्रदर्शन का एक वीडियो खास तौर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है. इसमें एक प्रदर्शनकारी और एक पुलिसकर्मी के बीच बहस होती दिखाई दे रही है, जो अपने बच्चे को गोद में लिए एक अन्य व्यक्ति को पुलिस वाहन की ओर ले जा रहा है.
क्लिप में, वीडियो बना रहा व्यक्ति पुलिस अधिकारी से एक बच्चे को हिरासत में लेने के बारे में सवाल करता सुनाई दे रहा है, जिस पर पुलिस अधिकारी गुस्से से जवाब देता है:
“बच्चों को विरोध प्रदर्शन में लेके आओगे आप?”, सुरक्षाकर्मी कहता है, जिस पर भीड़ में से एक व्यक्ति जवाब देता है: “बच्चे साँस नहीं लेते क्या?”
Delhi poisonous Air: पर्यावरण भी हुए प्रदर्शन में शामिल
वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता विमलेंदु झा ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान बच्चों को भी हिरासत में लिया जा रहा है.
पर्यावरणविद् भावरीन कंधारी भी इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं और आरोप लगाया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने का उनका अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया.
उन्होंने कहा, “कई माताएँ और अभिभावक इस समय बहुत चिंतित हैं क्योंकि एक चिंताजनक स्थिति बनी हुई है – जैसा कि आप देख सकते हैं, कोई भी मास्क नहीं पहन रहा है. मैराथन दौड़ हो रही हैं, स्कूल खेल दिवस मना रहे हैं, फिर भी कोई सलाह नहीं दी गई है.”
कंधारी ने आगे कहा कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के गंभीर और खतरनाक स्तर पर पहुँचने के बावजूद, GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के उपायों को पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है.
उन्होंने आगे कहा,“हमें अभी भी उम्मीद है, और इसीलिए हम यहाँ हैं – ज़्यादातर माताएँ, चिंतित माता-पिता और नागरिक. कोई छिपा हुआ एजेंडा नहीं है; हम सब बस माता-पिता हैं. यहाँ कई लोग इनहेलर और नेबुलाइज़र लिए हुए हैं और दवाइयाँ दिखा रहे हैं. ये हमारी भावनाएँ हैं, हमारा दर्द है.”
Even children are detained, who were only asking for their right to breathe. India Gate Air Protest. pic.twitter.com/IkglvLCORQ
— Vimlendu Jha विमलेंदु झा (@vimlendu) November 9, 2025
लगभग 60-80 लोगों को धरना स्थल से हिरासत में लिया-पुलिस
प्रदर्शन को लेकर जारी बयान में पुलिस ने बताया कि लगभग 60-80 लोगों को धरना स्थल से हिरासत में लिया गया. डीसीपी (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने कहा, “हमने केवल उन लोगों को हिरासत में लिया जो मानसिंह रोड को जाम कर रहे थे और लोगों व वाहनों को गुजरने नहीं दे रहे थे.” उन्होंने बताया कि मानसिंह रोड पर प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज कर रहे थे.
डीसीपी महला ने कहा, “बाकी लोग, जो इंडिया गेट के अंदर थे, उन्हें वहाँ से जाने का निर्देश दिया गया और उन्हें हटा दिया गया.”
अतिरिक्त डीसीपी आनंद कुमार मिश्रा ने शनिवार को सुरक्षा और यातायात कारणों का हवाला देते हुए इंडिया गेट के सामने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर जाने को कहा था.
दिल्ली का AQI पिछले कई हफ़्तों से ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ श्रेणी के बीच बना हुआ है. सोमवार को, दिल्ली के समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक में एक दिन पहले की तुलना में थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन यह ‘बेहद खराब’ स्तर पर बना रहा.
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