Tuesday, January 13, 2026

Patna waterlogging: पटना में भारी बारिश के बाद विधानसभा और मंत्रियों के घरों में घुसा पानी, तेजप्रताप यादव ने दिखाया अपने घर का हाल

Patna waterlogging: रविवार को पटना में भारी बारिश के कारण बिहार विधानसभा परिसर, कई मंत्रियों के बंगले और शहर के अस्पतालों में पानी भर गया. पटना में 41.8 मिमी बारिश हुई, जिसके कारण स्ट्रैंड रोड, राजबंसी नगर, बोरिंग रोड, बेली रोड और पाटलिपुत्र कॉलोनी सहित शहर के अधिकांश पॉश और निचले इलाकों में जलभराव हो गया.
इससे यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और जलमग्न इलाकों में वाहनों की आवाजाही बाधित हुई. शहर के कई अस्पताल भी प्रभावित हुए.

Patna waterlogging: मुख्यमंत्री ने लिया स्थिति का जायजा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति का जायजा लिया और शहर के विभिन्न प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहर भर में संप (नाबदान) पंप हाउसों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि भारी बारिश के दौरान शहर में इस तरह का जलभराव न हो.

शहरी विकास और आवास मंत्री ने की आपात बैठक

शहरी विकास और आवास मंत्री नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर जलभराव के ट्रेंड होने के बाद आपात बैठक बुलाई. उनके कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि, मंत्री नितिन नवीन ने बारिश के लिए तैयारियों की कमी और प्रतिक्रिया प्रणाली में देरी का उल्लेख किया.
उनके कार्यालय के अनुसार, मंत्री नितिन नवीन ने छुट्टी पर गए सभी वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत ड्यूटी पर वापस बुलाने और 30 सितंबर तक कोई छुट्टी मंजूर नहीं की जाने की बात कही.
बिहार सरकार ने राज्य भर के सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है क्योंकि पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के बाद कई नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है.

विधानसभा और विधायकों के घर में घुसा पानी

बिहार विधानसभा परिसर और कुछ सौ मीटर की दूरी पर रहने वाले कई राज्य मंत्रियों के सरकारी बंगले जलभराव से प्रभावित हुए. आरजेडी नेता और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपने घर का हाल दिखाया. उन्होंने लिखा, “ये नजारा किसी पोखर या तालाब का नही बल्कि मेरे सरकारी आवास 26 एम स्ट्रेंड रोड का है. विधायकों के आवास की ऐसी स्थिति है तो जरा सोचिए आम जनता के हालात कैसे होगे.”

अभी तक स्थिति चिंताजनक नहीं है -जल संसाधन विभाग

बिहार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अभी तक स्थिति चिंताजनक नहीं है. एक आधिकारिक बुलेटिन में विभाग ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश ने राज्य में गंडक, कोसी, गंगा, बूढ़ी गंडक, महानंदा और कमला नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है. राज्य में पटना, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, बगहा, पूर्णिया, सुपौल, दरभंगा, खगड़िया और झंझारपुर में कुछ स्थानों पर नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.”

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