Parliament: बात सिर्फ मनरेगा के नाम बदलने की नहीं है, यह काम के अधिकार को छीने जाने की बात है-VB-G Ram Ji बिल पर बोले खड़गे

Parliament: गुरुवार को संसद परिसर में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी, और INDIA ब्लॉक के सांसदों ने MGNREGA का नाम बदलने और उसमें बदलाव करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना था कि यह काम के अधिकार की गारंटी पर हमला है.
सांसदों का कहना था कि MGNREGA का नाम बदलकर ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ किए जाना महात्मा गांधी का अपमान है. उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने मनरेगा योजना से महात्मा गांधी जी का नाम हटा दिया है. साथ ही मनरेगा को कमजोर करने के प्रावधान भी शामिल किए हैं. विरोध प्रदर्शन के बाद विपक्ष के सांसदों ने मार्च भी निकाला.

दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार योजना की योजनाबद्ध हत्या है-खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, “आज बात सिर्फ मनरेगा के नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह काम के अधिकार को छीने जाने की बात है. सरकार उस अधिकार को छीन रही है, जो हमने दिया था. इस नए कानून में सरकार का जब मन होगा, तब वह काम देगी.. बाद में यह बोलकर काम देने से मना कर देगी कि अभी डिमांड नहीं है. यह एक बड़ा मुद्दा है और पिछड़े वर्ग, दलित वर्ग के साथ गरीबों के अधिकारों पर हमला है. हम लोगों के अधिकार के लिए हर राज्य और जिले में लड़ेंगे. ये सिर्फ महात्मा गांधी जी के नाम की बात नहीं है, बल्कि सवाल अधिकारों का भी है. ”

Parliament: भाजपा के लोग राम के नाम पर व्यापार करते हैं- अवधेश प्रसाद

वहीं, सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने ‘वीबी-जी राम जी’ बिल को लेकर कांग्रेस के विरोध पर कहा, “राम का कोई विरोध नहीं है… हमारे लिए राम सर्वोपरी हैं लेकिन भाजपा के लोग राम के नाम पर व्यापार करते हैं, राजनीति करते हैं. 2024 के चुनाव में उन्होंने(भाजपा) कहा था कि वे राम को लाए हैं तो राम उन्हें लाएंगे लेकिन राम तो अवधेश प्रसाद को लाए… इसलिए हमारा राम का कोई विरोध नहीं है लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम मनरेगा से हटाना राष्ट्र का अपमान है…”

महात्मा गांधी और भगवान राम के बीच बेवजह का फर्क करने का प्रयास- मनीष तिवारी

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने मनरेगा का नाम ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ किए जाने पर कहा, “समस्या ये है कि आप महात्मा गांधी का अपमान कर रहे हैं. महात्मा गांधी और भगवान राम के बीच बेवजह का फर्क करने का प्रयास कर रहे हैं… महात्मा गांधी के आखिरी शब्द ‘हे राम’ थे. महात्मा गांधी के नाम पर चल रही इतनी बढ़िया योजना जो करोड़ों पिछड़े, दबे, कुचले वर्ग के लोगों को एक सुरक्षा जाल देने का काम करती है, आप उसे खत्म करने पर क्यों तुले हुए हैं? यदि आप इस विधेयक को पढ़ें जिसमें 125 दिनों की गारंटी दी जाने की बात कही गई है लेकिन उसमें कोई गारंटी बची ही नहीं है…”

ये भी पढ़ें-Delhi air pollution: घने कोहरे के कारण 250 से ज़्यादा फ्लाइट्स लेट हुईं, 22 कैंसिल की गईं

Latest news

Related news