सोमवार को भी विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में राम मंदिर चंदा चोरी और सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बर्बरता को लेकर बहस के साथ ही गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों के साथ की गई बर्बरता पर जवाब देने की मांग को लेकर नारेबाजी की और हंगामा किया जिसके चलते पहले दोनों सदनों को 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा.
लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित
विपक्ष के राम मंदिर चंदा चोरी और सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बर्बरता को लेकर बहस और अमित शाह की सदन में मौजूदगी को लेकर हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा दोनों को फिर एक बार दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
लोकसभा में 3 बिल पेश किए गए
ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2026, माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026, और केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया.
Parliament: विपक्ष ने किया विरोध प्रदर्शन, अमित शाह के बयान की मांग
अमित शाह सदन में आओ सदन में आकर जवाब दो, आज इसी मांग के साथ विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर विरोध जताया. विपक्षी सांसदों का कहना था कि, गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों के साथ की गई बर्बरता पर जवाब देना होगा. वे अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते.
चढ़ावा चोरों, गद्दी छोड़ो ✊ pic.twitter.com/xRNEwNnVBb
— Congress (@INCIndia) August 10, 2026
अखिलेश का कहना है कि सरकार संस्थाओं पर कब्ज़ा करना चाहती है
FCRA बिल पर कमेंट करते हुए, SP MP अखिलेश यादव कहते हैं, “सच तो यह है कि वे संस्थाओं पर कब्ज़ा करना चाहते हैं. वे FCRA के ज़रिए इन संस्थाओं पर कब्ज़ा करने के तरीके ढूंढ रहे हैं. BJP असल में एक बहुत बड़ी ‘लैंड माफिया’ पार्टी है. अगर उन्हें कोई तालाब या खाली ज़मीन दिख जाए. और देखिए अयोध्या की पवित्र धरती पर आस्था के साथ कैसे खिलवाड़ किया गया, ज़मीन की कीमतें चंद मिनटों में आसमान छूने लगीं.”
आज सदन में भाषण दे सकते है अमित शाह
हलांकि, ये खबर भी है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में भाषण दे सकते हैं, क्योंकि विपक्ष CJP के ‘चलो संसद मार्च’ के दौरान स्टूडेंट प्रोटेस्टर्स पर सिक्योरिटी कार्रवाई पर BJP नेता से बयान मांग रहा है. सोमवार को सेशन से पहले, कांग्रेस MP और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 20 जुलाई को प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कथित पुलिस बर्बरता को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा मांगा.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृह मंत्री दो बिल पेश कर सकते हैं. एक है केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026, जिससे राज्य का नाम बदलकर केरलम किया जाएगा. दूसरा बिल, नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026, NCDC को ज़्यादा फाइनेंसिंग पावर देने का प्रस्ताव करता है.
शाह के संसद में आने का समय ऐसे समय में आया है जब विपक्ष 20 जुलाई को CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान सिक्योरिटी कार्रवाई और प्रोटेस्टर्स के खिलाफ सिक्योरिटी कर्मियों द्वारा पेलेट गन के कथित इस्तेमाल के बारे में मंत्री से बयान मांग रहा है.

