Ishaq Dar इस्लामाबाद: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार एक दुर्घटना का शिकार हो गए हैं. रविवार, 29 मार्च 2026 को इस्लामाबाद में विदेशी मेहमानों के स्वागत के दौरान वे रेड कार्पेट पर फिसलकर गिर पड़े, जिससे उनके कंधे में गंभीर चोट आई है.
Just IN : Deputy Prime Minister of Pakistan Ishaq Dar fell to the floor while welcoming visiting foreign ministers at the Foreign Office.
Thankfully, he remained safe…see more pic.twitter.com/8nB1FxRUuj
— IIR Now (@IIRNow) March 29, 2026
Ishaq Dar के साथ रेडकार्पेट पर कैसे हुआ हादसा?
यह घटना पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के कार्यालय में हुई. इशाक डार मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलाती का स्वागत कर रहे थे. फोटो खिंचवाने और हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़ते समय उनका पैर फिसल गया और वे लड़खड़ाकर गिर पड़े. उनके बेटे अली डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर जानकारी दी कि जांच के बाद उनके कंधे में हेयरलाइन फ्रैक्चर पाया गया है.
‘इशाक डार साहब ने चोट लगने के बावजूद पूरे दिन पेनकिलर लेकर सभी महत्वपूर्ण बैठकें पूरी कीं। रात 9 बजे चेकअप के बाद हेयरलाइन फ्रैक्चर की पुष्टि हुई”
क्या होता है हेयरलाइन फ्रैक्चर?
इसे मेडिकल भाषा में स्ट्रेस फ्रैक्चर भी कहा जाता है. इसमें हड्डी पूरी तरह से दो टुकड़ों में नहीं टूटती है, बल्कि उसकी सतह पर एक बहुत ही बारीक सी दरार आ जाती है. यदि इसका सही समय पर उपचार न किया जाए, तो यह बड़ा फ्रैक्चर बन सकता है. डॉक्टरों ने उन्हें आने वाले 4 से 8 हफ्तों तक सावधानी बरतने की सलाह दी है.
जंग रोकने के लिए जुटी ‘चौकड़ी’
पाकिस्तान इस समय अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को एक शांतिदूत के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है. रविवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. जिसका उद्देश्य ईरान संघर्ष को क्षेत्रीय स्तर पर फैलने से रोकना है. इस युद्ध की विभिषिका को कम करने के लिए पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच एक ‘संदेशवाहक’ का काम कर रहा है. इस बैठक के जरिये पाकिस्तान ने अमेरिका का 15-पॉइंट प्रस्ताव ईरान तक पहुँचाया है. इशाक डार ने घोषणा की है कि पाकिस्तान जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता की मेजबानी कर सकता है.
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी इस युद्ध को एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Global Energy Supply) पर संकट मंडरा रहा है.

